मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में समाज का हर वर्ग बढ़-चढ़कर अंशदान कर रहा है. बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर, कर्मचारियों ने अपने वेतन और बुजुर्गों ने पेंशन से अपने सामर्थ्य अनुसार आपदा राहत कोष में दान दिया है. इसे देखकर उनके मन में भी विचार आया कि उन्हें भी अपनी निजी जमा पूंजी से धन आपदा में दान देना चाहिए और ऐसे में अपने बैंक से सारे पैसे निकालकर आज 51 लाख रुपये दान कर दिए हैं.
इससे पहले भी ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सामाजिक सरोकार को अधिमान देते हुए धन दान किया है. कोरोना काल में विधायक के तौर पर उन्होंने एक साल का वेतन और अपनी एफडीआर तोड़कर भी 11 लाख रुपये की धनराशि राज्य सरकार को महामारी से लड़ने के लिए दान में दी थी. इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, ओएसडी रितेश कपरेट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे.

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