इसके अलावा बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सहित दो नेताओं के आवासों में तोड़फोड़ भी की।
पासीघाट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) टोनी तताक ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। यह घटना जलविद्युत परियोजना के विरोध में बुलाए गए 12 घंटे के बंद के खत्म होने के बाद शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुई। उपद्रवियों ने बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कलिंग मोयोंग और पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के आवासों में तोड़फोड़ की। इसके अलावा, पासीघाट में आदि जनजाति की सर्वोच्च संस्था 'आदि बाने केबांग' के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।
पूर्वी दिल्ली में स्कूल परिसर में 12वीं कक्षा की छात्रा का जला हुआ शव मिला
पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित एक स्कूल में गार्ड के कक्ष के पीछे 12वीं कक्षा की छात्रा का जली अवस्था में शव मिला। इस घटना से 18 वर्षीय छात्रा के परिवार के सदस्य सदमे में हैं। पुलिस ने शनिवार को बताया कि स्कूल में आग लगने की सूचना पीसीआर के जरिए मिली थी, जिसके बाद कृष्णा नगर थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें छात्रा का शव मिला।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वाह्न 11:58 बजे सूचना मिली थी कि एक छात्रा ने स्कूल के अंदर खुद को कथित तौर पर आग लगा ली है। अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने कहा, "लड़की कितने प्रतिशत झुलसी इसकी जानकारी अस्पताल ही दे सकता है।"
छात्रा की बहन ने बताया कि परिवार को दोपहर 12:40 बजे घटना के बारे में फोन पर जानकारी मिली। बहन ने कहा, "मैं उसे स्कूल छोड़ने आई थी और वह सामान्य लग रही थी। मुझे नहीं पता कि उसने यह कदम क्यों उठाया।" उसने बताया कि लड़की का चेहरा बुरी तरह जल गया था। मृत छात्रा की भाभी ने कहा, "मुझे घटना के बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी। मैं उसे ढूंढते हुए स्कूल पहुंची।"
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और छात्रा के स्कूल बैग से कुछ सामान बरामद किया। घटनास्थल का निरीक्षण करने और सबूत जुटाने के लिए अपराध शाखा की टीम को बुलाया गया। पुलिस ने कहा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है।
एसईएम कोर्ट पहुंचीं आइसा प्रमुख नेहा बोरा, दिल्ली पुलिस ने सौंपे नोटिस से जुड़े दस्तावेज
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा शनिवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से संबंधित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट पहुंचीं। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन दस्तावेजों की प्रतियां उन्हें सौंप दीं, जिनके आधार पर शांति भंग की आशंका के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
मराठा समुदाय के आंदोलन को बदनाम करने और उसे खत्म करने के लिए एक साज़िश रची जा रही हैः मनोज जरांगे
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "500 करोड़ रुपये के ट्रांज़ैक्शन से जुड़े ऑडियो क्लिप की पूरी जांच की ज़रूरत है। मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने की अपील करता हूं। मेरा मानना है कि मराठा समुदाय के आंदोलन को बदनाम करने और उसे खत्म करने के लिए एक साज़िश रची जा रही है।किसानों के मुद्दे उठाने के लिए मुझे क्यों टारगेट किया जा रहा है? हमें यह पता लगाना होगा कि इसके पीछे कौन है और उनके इरादे क्या हैं। मैं उदय सामंत, प्रसाद लाड और शंभूराज देसाई से भी अपील करता हूं कि वे मुझसे मिलें और सच समझें। दिल्ली जाने की कोशिशें भी शुरू हो सकती हैं। क्या यह पूरा विवाद श्रीकांत शिंदे को बदनाम करने की कोशिश थी? सच सामने आना चाहिए, और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"

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