दीपावली 2025 के बाद मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन से घायल हुए लोगों के मामलों ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है. राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती घायलों से शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की और उनके परिजनों से बातचीत कर हालचाल जाना.
सीएम ने नेत्र रोग विभाग में भर्ती प्रशांत, करण, अंश और आरिष से सीधे संवाद कर उनके उपचार की जानकारी ली और अधिकारियों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से सामने आई जानकारी के अनुसार, अब तक कई जगहों पर कार्बाइड गन से घायल होने के मामले सामने हुए हैं. ग्वालियर में लगभग 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें शहर से 9 से 11 मरीज और बाकी आसपास के जिलों भिंड व दतिया से हैं. शिवपुरी से 17 मरीजों को भर्ती किया गया था, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया है. वहीं विदिशा में 14 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं.
बेतुल में सबसे अधिक 35 लोगों के घायल होने की खबर है, हालांकि आधिकारिक रिकार्ड में केवल दो मरीज दर्ज किए गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें ज्यादातर लोग कार्बाइड के धुएं से प्रभावित हुए हैं. जबलपुर में तीन लोग उपचार के बाद घर लौट गए, जबकि सागर, रायसेन, रीवा, सतना, गुना, अशोकनगर और उज्जैन जैसे जिलों से राहतभरी खबर आई है-यहां कार्बाइड से जुड़े कोई गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं.
गुना जिले में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कार्बाइड गन की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है. भिंड से एक बच्चा घायल हुआ था, जिसे ग्वालियर रेफर किया गया है. इस गन से बढ़ती दुर्घटनाओं के बाद अब प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. इंदौर जिला प्रशासन ने इस खतरनाक देशी बंदूक पर शुक्रवार को पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही शहर में कार्बाइड गन से रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
दीपावली में 31 घायल, ज्यादातर बच्चे
इंदौर के सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि दीपावली के आसपास शहर के अस्पतालों में कार्बाइड गन से घायल 31 मरीज भर्ती हुए, जिनकी उम्र 3 से 31 साल के बीच है. इनमें से अधिकतर बच्चे हैं. ये मरीज इंदौर के अलावा देवास, आगर-मालवा, सीहोर, शाजापुर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और झारखंड से आए हैं.
क्या है 'कार्बाइड गन'?
कार्बाइड गन एक देशी बंदूक जैसी डिवाइस होती है, जिसमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से गैस बनती है. यह गैस जब प्रेशर में निकलती है तो तेज़ धमाका करती है. लोग इसे मज़े या वीडियो बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह बेहद खतरनाक और विस्फोटक होती है.
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