Madhya Pradesh News: स्टार मल्टीस्पेशलिटी और पाठक नर्सिंग होम के चिकित्सकों की कथित चिकित्सकीय लापरवाही के चलते युवक की रीवा में मौत हो गई, जिससे नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया. परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम कर दिया. वहीं किसी प्रकार से समझाकर उन्हें पुलिस ने हटाया तो थोड़ी देर बात पाठक हास्पिटल के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए. आनन-फानन में तीनों थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.
20 करोड़ रुपये की मुआवजे का मांग
परिजनों की मांग है कि इस मामले में अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए. साथ ही मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. आरोप है कि किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था. ऑपरेशन के दौरान दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई जिसमें धागा बांधकर रीवा रेफर किया गया जहां मरीज की मौत हो गई.
स्वस्थ किडनी में लगा दिया था कट
जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी. परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी. 4 अप्रैल को मरीज का ऑपरेशन किया गया, जो करीब पांच घंटे तक चला. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया.
परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगडने लगी. स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे आनन-फानन में रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया. वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.
दूसरी किडनी में बंधा था धागा
बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था. इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया. रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा. इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई.
मां ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप
मृतक की मां माया रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई. उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया. डॉक्टरों के कहने पर बेटे को भतीज़् कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई.
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