BREAKING NEWS
Latest News Loading...
मालवा न्यूज़ 24X7

बिजली संशोधन विधेयक 2025 के खिलाफ आज पूरे मध्य प्रदेश में बिजली कर्मियों का हल्लाबोल


प्रदेश भर के बिजली दफ्तरों में कामकाज ठप, अभियंता और कर्मचारी सड़कों पर उतरे

आज म.प्र. विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश के हजारों बिजली अभियंता, कनिष्ठ एवं सहायक यंत्री और कर्मचारी केंद्र सरकार के 'इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025' के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। आज मंगलवार को जब संसद में यह बिल एकतरफा रूप से पारित करने की तैयारी है, तब मध्य प्रदेश के सभी झोनल, वृत्त और प्रांतीय कार्यालयों के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

अध्यक्ष जी.के. वैष्णव का कड़ा संदेश:
मोर्चा अध्यक्ष श्री जी.के. वैष्णव ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "यह बिल केवल बिजली क्षेत्र के निजीकरण का जरिया नहीं, बल्कि आम जनता और किसानों की जेब पर डाका डालने की साजिश है। यदि यह बिल पास हुआ, तो निजी कंपनियां हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर केवल अमीर ग्राहकों को बिजली बेचेंगी, जबकि गरीब और ग्रामीण उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का बोझ उठाना पड़ेगा।"

आज के प्रदर्शन की मुख्य मांगें:

बिल की वापसी: जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 को तत्काल वापस लिया जाए।

सब्सिडी की सुरक्षा: क्रॉस सब्सिडी खत्म करने का प्रावधान निरस्त हो ताकि गरीब व किसानों को राहत मिलती रहे।

रोजगार की सुरक्षा: बिजली क्षेत्र में स्थाई नौकरियों को खत्म करने और निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगे।

सांसदों को सौंपा जा रहा ज्ञापन:
आज विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में माननीय सांसदों को ज्ञापन सौंपकर उनसे अपील की जा रही है कि वे जनता के हितों की रक्षा के लिए संसद में इस बिल का पुरजोर विरोध करें।

श्री वैष्णव ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने संगठनों की इस आवाज को अनसुना किया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। संगठनों की एकता ही वह शक्ति है जिसने 2014 से इस बिल को रोके रखा है, और आज भी कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।

रिपोर्ट मनोज जोशी


Post a Comment

Previous Post Next Post