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उज्जैन दर्शन करने पहुंचा एक युवक ट्रेन से पटरियों पर जा गिरा. लेकिन नहीं आई खरोच

उज्जैन :- भगवान महाकाल के दर्शन करने मात्र से अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है और काल भी उल्टे पांव लौट जाता है. यह बात आपने कई लोगों से सुनी होगी, लेकिन शायद देखी न हो.धार्मिक यात्रा पर उज्जैन पहुंचा एक युवक ट्रेन से पटरियों पर जा गिरा. उसके ऊपर से दो डिब्बे गुजर गए, लेकिन उसे खरोच तक नहीं आई. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

शाजापुर के अकोदिया में रहने वाला मिथुन मालवा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर उज्जैन से रवाना हो रहा था. वह भीड़भाड़ के बीच जनरल कोच में चढ़ने की कोशिश कर रहा था. इसी भागम भाग में एक यात्री के पैर से टकराकर मिथुन ट्रेन की चपेट में आ गया. इसके बाद उसके ऊपर से 2 कोच गुजर गए. मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) के जवान कुलदीप और मगन सिंह ने जैसे ही यह हादसा देखा, तुरंत रेलवे गार्ड के माध्यम से ट्रेन रुकवाई. इस दौरान मिथुन के ऊपर से कोच गुजर चुका था. जब उसे पटरियों से उठाकर प्लेटफॉर्म पर लेटाया गया तो वह बेहोश था.

इस घटना की सूचना स्टेशन मास्टर को दी गई, जिसके बाद मिथुन को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया. कुछ देर बाद उसे होश भी आ गया. इस घटना को देखकर हर कोई हतप्रभ है. लोग इसे चमत्कार से कम नहीं मान रहे. लोगों ने बताया कि मिथुन भगवान महाकाल के दर्शन और धार्मिक यात्रा पर उज्जैन आया था. यहां से लौटते समय हादसे का शिकार होते-होते बच गया. इसे भगवान महाकाल की कृपा ही माना जा रहा है.

एक अन्य यात्री को भी लोगों ने बचाया

आरपीएफ के जवानों ने बताया कि जब मिथुन ट्रेन की चपेट में आ रहा था, उस दौरान एक अन्य यात्री भी जनरल कोच से फिसल कर पटरियों की ओर गिर रहा था. यह देखकर मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों ने मदद करते हुए उसे बाहर खींच लिया. इस प्रकार एक यात्री को बचाने में प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों की भूमिका सराहनीय रही, जबकि दूसरे यात्री मिथुन का बचना भगवान की कृपा मानी जा रही है.

उज्जैन से आने जाने वाली ट्रेनें फुल

उज्जैन में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा चल रही है. इसी के चलते उज्जैन आने वाली और उज्जैन से जाने वाली सभी ट्रेनें फुल चल रही हैं. खासतौर पर जनरल कोच में उम्मीद से ज्यादा यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है. आरपीएफ के जवान मगन सिंह ने बताया कि मिथुन को पहले ही जनरल कोच में नहीं चढ़ने की सलाह दे दी गई थी, लेकिन जैसे ही ट्रेन चली वह दौड़ता हुआ ट्रेन में चढ़ने लगा.

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