देश में Covid-19 और H3N2 मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बन गया है। भले ही रिपोर्ट किए गए मामले बहुत कम हैं। भारत में पिछले हफ्ते संक्रमण के मामलों में 63% की बढ़त देखी गई। H3N2 पर न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनल मेडिसिन एंड रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन के चेयरमैन और मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ये वायरस हर साल इस दौरान म्यूटेशन करता है और ड्रॉपलेट्स से फैलता है। रणदीप गुलेरिया, ने कहा, "इसलिए, वर्तमान में हम इन्फ्लूएंजा के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी देख रहे हैं।
जिसमें मूल रूप से बुखार, गले में खराश, खांसी, शरीर में दर्द होता है। ये एक तरह का इन्फ्लूएंजा-वायरस है, जिसमें नाक बहने का लक्षण भी है, जिसे हम हर साल इस समय के दौरान देखते हैं।" उन्होंने बताया, "...लेकिन ये समय के साथ बदलाव वाला एक वायरस है। ये समय के साथ म्यूटेट होता है और जिसे हम एंटीजेनिक ड्रिफ्ट कहते हैं।" डॉ. गुलेरिया ने बताया कि भारत ने कई साल पहले H1N1 महामारी देखी थी।
डॉ. गुलेरिया ने कहा, "उस वायरस का सर्कुलेटिंग स्ट्रेन अब H3N2 है और इसलिए ये एक कॉमन इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन है। लेकिन हम ज्यादा मामले देख रहे हैं, क्योंकि जैसे-जैसे वायरस थोड़ा म्यूटेट होता है, वैसे-वैसे वायरस के खिलाफ हमारी प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कम होती जाती है और इसलिए जो लोग ज्यादा संवेदनशील हीते हैं, उन्हें आसानी से संक्रमण हो जाता है।"
एक्सपर्ट्स ने कहा कि वायरस ड्रॉपलेट्स से फैलता है, लेकिन ये चिंता का कारण नहीं है क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ANI ने डॉ.गुलेरिया के हवाले से कहा, अब त्योहारी सीजन शुरू हो चुका। मैं वास्तव में कहूंगा कि लोगों को होली मनानी चाहिए, लेकिन उन्हें खासतौर से बुजुर्गों और उन लोगों से सावधान रहना चाहिए, जिन्हें पुरानी सांस की बीमारियां, हृदय की समस्याएं, किडनी की समस्या या डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियां हैं।
उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने और जोखिम लेने से सावधान रहने की जरूरत है।" मास्क पहनने पर एक्सपर्ट्स की सलाह एक्सपर्ट्स ने कहा कि साल के इस समय में जब मौसम में बदलाव होता है, तो इन्फ्लूएंजा होने की संभावना ज्यादा होती है। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों को सचेत भी किया। क्योंकि अब हम एक नॉन-कोविड स्टेट में वापस आ गए हैं, जहां हम मास्क नहीं पहन रहे हैं, लेकिन ये हमारी ये आदत वायरस को और आसानी से फैलने का रास्ता दे रही है। एक्सपर्ट्स ने कहा, "इसलिए, अगर हमें वास्तव में खुद को इन्फ्लूएंजा होने से रोकना है।
अगर हम भीड़भाड़ वाली जगहों पर जा रहे हैं, तो हमें मास्क पहनना जरूरी है। हमें अपने हाथों को बार-बार धोने की जरूरत है और शारीरिक दूरी भी जरूरी है। अगर हम ज्यादा संवेदनशील हैं, तो इन्फ्लूएंजा होने का ज्यादा खतरा है। हालांकि, संवेदनशील लोगों और बुजुर्गों के लिए एक टीका है।" ऊपर की और बढ़ रहे Covid-19 के मामले पिछले तीन हफ्तों में, भारत में Covid-19 संक्रमणों में बढ़ोतरी हुई है।
भले ही रिपोर्ट किए गए कुल मामले बहुत कम हैं, लेकिन पिछले हफ्ते 1,898 नए मामले सामने आए और मृत्यु दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। TOI की एक रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, देश ने, हालांकि, पिछले सात दिनों में हफ्ते-दर-हफ्ते 63 प्रतिशत Covid-19 मामलों की बढ़ोतरी देखी। पिछले हफ्ते, मामलों में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद, बाकी हफ्ते में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
4 मार्च को, भारत ने 97 दिनों के बाद 300 से ज्यादा नए Covid-19 केस दर्ज किए। अलर्ट मोड पर राज्य होली के त्योहार से पहले H3N2 फ्लू और Covid-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य अलर्ट मोड पर हैं, जिसमें लोगों के बड़ी संख्या में इकट्ठा होने की उम्मीद है। कर्नाटक सरकार ने सोमवार को राज्य में इन्फ्लुएंजा के H3N2 प्रकार के बढ़ते प्रसार के बीच कुछ प्रतिबंध लगाए और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए फेस मास्क अनिवार्य कर दिया। राज्य सरकार ने अनावश्यक सभाओं से बचने के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की।
तेलंगाना के हैदराबाद में, एक अस्पताल ने पिछले हफ्ते वायरल फ्लू के 600 से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए। राजकीय बुखार अस्पताल के अधीक्षक शंकर ने कहा, मरीजों में नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्टी और लूज मोशन जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर ने भी सार्वजनिक समारोहों को प्रतिबंधित करते हुए जिले भर में CrPC की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एक मार्च से लागू निषेधाज्ञा 31 मार्च तक लागू रहेगी। गौतम बौद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के हवाले से ANI ने कहा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर COVID-19 नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 31 मार्च तक तत्काल प्रभाव से गौतम बौद्ध नगर में 144 लागू कर दी गई है।
डेस्क रिपोर्ट
Post a Comment