रिपोर्ट नावेद खान
मक्सी/झौंकर - शाजापुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत ग्राम झोंकर में रविदास समाज के लोंगो द्वारा सन्त शिरोमणी श्री गुरु रविदास महाराज की 646वीं जयंती प्रतिवर्षानुसार बडी धुमधाम के साथ मनाई, संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ भारत ईकाई मध्यप्रदेश शाजापुर के नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ। एक दिन पुर्व संध्याभजन का आयोजन प्रस्तुत किया एवं सन्तौ ने गुरूजी के जीवन पर प्रकाशडाला साथ बडी संख्या मै भजन का आंनद लिया । प्रात: डोल सज्जा कर गांव के प्रमुख मार्गो जगह जगह पर स्वागत मंचो से पुष्प वर्षा से स्वागत एवं प्रसादी का वितरण किया मुख्य मार्ग से चल समारोह निकाला गया फिर पुन: अपने स्थान पर आकर मुख्य कार्यक्रम मांगलिक भवन की आरक्षित भुमी पर भोजन प्रसादी हुई। कार्यक्रम मे वक्ताऔ नै बताया कि सन्त कुलभूषण कवि रैदास उन महान सन्तौ मै अग्रणी थे जिन्हौने अपनी रचनाओ के माध्याम से समाज मे व्याप्त बुराइयौ को दुर करने मे महत्वपूर्ण योगदान किया । इनकी रचनाऔ की विशेषता लोकवाणी का अद् भुत प्रयोग है । इससे जनमानस पर इनका अमिट प्रभाव पडता है मधुर एवं सहज सन्त शिरोमणी रविदास की वाणी ज्ञानदायी है । तात्कालीक समाज द्वारा प्रताडित ओर नीच समझे जाने पर भी बड़ी लगन और सहनशीलता से अपनी साधना में लगे रहे । इसी कारण इनके जीवनकाल मैं ही भारत के किसी भी छोटै बड़े ,धनी एवं निर्धन वर्ग मैं इतना बड़ा सम्मान रहा । इस सम्मान का कारण उनकी सरलता , नम्रता , मानवता कै प्रति कल्याणकारी विचारधारा तथा ईशवर के प्रति विशवास एवं अटूट श्रध्दा ही थी । इसके पशचात् विशाल महाप्रसादी का आन्नद लिया भक्तौ द्वारा ।
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