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स्कूलों में लड़कियों को मुफ्त लगाई जाएगी सर्वाइकल कैंसर की Vaccine, जानें क्या है प्लान

डेस्क रिपोर्ट
नई दिल्ली - 
केंद्र सरकार सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए अहम फैसला लेने जा रही है. हाल ही में सरकार की ओर से ये जानकारी दी गई थी कि देश के वैज्ञानिकों ने सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए एचपीवी वैक्सीन तैयार कर ली है और जल्द ही ये 9 से 14 साल की लड़कियों को दी जाएगी.
अब जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार इन किशोरियों को स्कूल में ही वैक्सीन लगाने का प्रबंध कर सकती है.

भारत में महिलाओं को होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर का स्थान दूसरे नंबर पर है. वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा भारत में सर्वाइकल कैंसर के कारण मौत होती हैं. भारत में एक साल में 80,000 महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हो जाती है.

आइये जानते हैं कि इस टीकाकरण के लिए सरकार की क्या योजनाएं हैं- 

सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन सबसे पहले उन स्कूलों में दी जाएगी जहां लड़कियों की तादाद ज्यादा है.

अभियान के दिन जो लड़कियां स्कूल नहीं आ सकेंगी उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन लगवानी होगी.

स्कूल न जाने वाली 9 से 14 साल की लड़कियों को सामुदायिक अभियान और मोबाइल टीम के माध्यम से वैक्सीनेशन का हिस्सा बनाया जाएगा.

रजिस्ट्रेशन के लिए यू-विन ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है.
राज्यों को दिए गए ये निर्देश- 

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सफल बनाने के लिए दिशा-निर्देश देने और इससे जुड़े फैसले लेने के लिए अनुरोध किया गया है.

स्कूलों में वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर इस वैक्सीन को लगाया जाएगा.

जिला टीकाकरण अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी सहयोग करेंगे, साथ ही डीएम के नेतृत्व में टीकाकरण के लिए बनी जिला टास्क फोर्स के प्रयासों का हिस्सा बनाया जाएगा.

टीकाकरण के लिए सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के मैनेजमेंट बोर्ड से संपर्क किया जाएगा और उन्हें सहयोग करने के लिए कहा जाएगा.

हर स्कूल में टीकाकरण के लिए एक को-ऑर्डिनेटर बनाया जाएगा. जो कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में सहयोग के साथ लड़कियों की संख्या को यू-विन ऐप पर अपलोड करेगा.

स्पेशल पेरेंट्स टीचर मीटिंग के जरिए स्कूल के टीचर सभी माता-पिता को एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी देकर जागरुकता बढ़ाएंगे.

वैक्सीनेशन के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाएगी और जीएलएस मैपिंग के जरिए सभी स्कूलों की जिलावार लिस्ट बनाई जाएगी.

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