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सीएम हाउस में हैप्पी दिवाली: कोरोना में पैरेंट्स को खो चुके बच्चों के साथ CM शिवराज ने मनाई दिवाली, ‘भांजे-भांजियों’ पर फूल बरसाकर किया स्वागत


भोपाल- सीएम हाउस में आज धूमधाम से दिवाली मनाई गई। लेकिन इस कार्यक्रम में कोई नेता-मंत्री या हस्तियां शामिल नहीं थी, बल्कि कोविड काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चे मौजूद थे। जिनके साथ ‘मामा’ सीएम शिवराज सिंह चौहान और ‘मामी’ साधना ने दिवाली का पर्व सेलिब्रेट किया। इस दौरान सीएम अनोखे अंदाज में नजर आए। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन कर की गई। सीएम शिवराज ने बच्चों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। साथ ही बच्चों के सा डांस किए। पत्नी साधना सिंह के साथ गाना भी गाया। इस दौरान प्रोग्राम में शामिल बच्चे काफी खुश नजर आए। उन्होंने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। बच्चे गाना भी गाए। डांस भी किए। सीएम ने बच्चों के साथ पौधारोपण भी किया। 

मामा का घर मस्ती करने के लिए होता है– सीएम

सीएम हाउस में उत्सव का माहौल रहा। सीएम ने बच्चों से कहा- मामा का घर मस्ती करने के लिए होता है, आप लोग खूब मस्ती करो, दिवाली मनाओ। हम आसमां छूं लेंगे। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपका मामा जब तक है किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। कार्यक्रम में सीएम के दोनों बेटे भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में शामिल थे 315 बच्चे

सीएम हाउस में बड़े ही उल्लास के साथ दीपावली का पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में कोविड बाल सेवा योजना,बाल आशीर्वाद योजना के 315 बच्चे शामिल हुए। इस दौरान बच्चे काफी खुश नजर आए।


च्चों को सीएम ने बांटी मिठाई

सीएम शिवराज ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष किट भी वितरित किए। साथ ही मिठाइयां भी दी।
CM ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना देश की पहली योजना है। अलग-अलग संस्थाओं में रह रहे अनाथ बच्चों को कॉलेज में पढ़ाई के लिए 5000 रुपए महीने मिलेंगे।

सीएम शिवराज का ऐलान

सीएम शिवराज सिंह ने इस दौरान बड़ा ऐलान किया। सीएम ने कहा कि जितने बच्चे रिश्तेदार के पास या बाल ग्राम में रह रहे हैं, इन बच्चों के लिए खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिता होगी। भोपाल में प्रतियोगिता का आयोजन होगा। उन्होंने महिला बाल विकास को इसकी योजना बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि इस प्रतियोगिता में जो जीतेगा उसको पुरस्कार मिलेगा। जो अच्छी पढ़ाई करेगा उसको भी पुरस्कार मिलेगा। कोविड में जो बच्चे अनाथ बच्चे हुए हैं, उन सबका एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया जाए। जिससे इनकी जो भी समस्या हो ये वहां बता सके।


 

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