मां तो मां होती है. फिर चाहे वह पुलिस की वर्दी में हो या किसी आम घरेलू महिला की वेशभूषा में. मां की ममता में कोई फर्क नहीं होता. इसकी एक मार्मिक बानगी उस वक्त देखने को मिली, जब मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अवैध शराब की सूचना पर पुलिस ने एक इलाके में छापा मारा. अवैध शराब के खिलाफ की गई इस कार्रवाई के दौरान कानून के साथ-साथ इंसानियत और ममता की भी एक तस्वीर सामने आई.
दरअसल, छापे की भनक लगते ही परिजन घर छोड़कर भाग निकले, लेकिन छत पर तीन महीने का मासूम भूखा और ठंड से कांपता हुआ मिला. बच्चे की हालत देखकर एक महिला पुलिस अफसर का दिल पसीज गया. उन्होंने मासूम को गोद में लिया, दूध पिलाया और तब तक अपने पास संभाल कर रखा, जब तक वह शांत होकर सो नहीं गया.
हर किसी को झकझोर देने वाला यह मामला दतिया जिले के फुलरा कंजर डेरा इलाके में 25 जनवरी 2026 को हुई कार्रवाई का है. दतिया पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब निर्माण की सूचना पर दबिश दी थी. कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपने घर छोड़कर फरार हो गए.
सब डिविजनल ऑफिसर ऑफ पुलिस आकांक्षा जैन ने बताया कि बच्चे भूख और ठंड से परेशान थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत दूध और गर्म कपड़ों की व्यवस्था करवाई. एसडीओपी आकांक्षा जैन ने खुद बच्चे को गोद में लेकर दूध पिलाया, उसे गर्म कपड़ों में लपेटा और तब तक अपने पास रखा, जब तक वह शांत होकर सो नहीं गया.
10 साल की बच्ची ने पुलिस को बताया कि बच्चे की मां कहीं चली गई है. वह खुद कोशिश कर रही थी, लेकिन मासूम को संभाल नहीं पा रही थी. बाद में पुलिस ने शिशु को उसी बच्ची को सौंप दिया और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए.
Post a Comment