मक्सी में प्राचीन तेजाजी महाराज मंदिर प्रांगण में एक दिवस मेला लगाया जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के दर्शन करें और और प्रतीक चिन वा छतरी अर्पित की यहां पिछले 60 सालों से एक दिवस मेला लगता है जिसमें मक्सी के आसपास ग्रामीण क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं
और मेला का लुफ्त उठाते हैं इसी कड़ी में बताते हैं कि वीर तेजाजी महाराज की जो लोग मान रखते हैं उनके यहां थाल भरते हैं और पूजा अर्चना कर तेजाजी महाराज का चिन्ह छतरी लेकर नगर में एक विशाल जुलूस भी निकलते हैं जिसमें वीर तेजाजी महाराज की प्रतिमा बैलगाड़ी में रखकर ढोल धमाके बैंड बाजा डीजे अखाड़े से करतव्य दिखाते हुएसे पूरे नगर में भ्रमण करके जुलूस तेजाजी महाराज मंदिर पहुंचता है वहां पर 100 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग पुजारी गोकुल कुमार को शरीर में नाग महाराज का वासा होता है उनके द्वारा सताए गए लोगों की पीड़ा सुनते हैं और उनका समाधान बताते हैं कि वीर तेजाजी महाराज भगवान शिव का 12वां अवतार माना जाता है जिसमें पुजारी गोकुल कुमार परिवार पूरे दिन श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहते हैं जनता के लिए उनका समर्पण भक्ति भाव सराहनीय है
और मेला का लुफ्त उठाते हैं इसी कड़ी में बताते हैं कि वीर तेजाजी महाराज की जो लोग मान रखते हैं उनके यहां थाल भरते हैं और पूजा अर्चना कर तेजाजी महाराज का चिन्ह छतरी लेकर नगर में एक विशाल जुलूस भी निकलते हैं जिसमें वीर तेजाजी महाराज की प्रतिमा बैलगाड़ी में रखकर ढोल धमाके बैंड बाजा डीजे अखाड़े से करतव्य दिखाते हुएसे पूरे नगर में भ्रमण करके जुलूस तेजाजी महाराज मंदिर पहुंचता है वहां पर 100 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग पुजारी गोकुल कुमार को शरीर में नाग महाराज का वासा होता है उनके द्वारा सताए गए लोगों की पीड़ा सुनते हैं और उनका समाधान बताते हैं कि वीर तेजाजी महाराज भगवान शिव का 12वां अवतार माना जाता है जिसमें पुजारी गोकुल कुमार परिवार पूरे दिन श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहते हैं जनता के लिए उनका समर्पण भक्ति भाव सराहनीय है
मनोज जोशी की रिपोर्ट

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