मध्य प्रदेश के दतिया शहर की बीच बस्ती के एक विद्यालय के क्लास रूमों में अचानक बारिश का पानी घुस गया. इससे क्लास में पढ़ रहे बच्चों की किताबें, बस्ते तो भीगे ही साथ ही यहां रखी कुर्सी - टेबल भी पानी के ऊपर तैरती हुई नजर आईं.बच्चे भी कहां इस मौके को गंवाते वो भी पानी में उछलते - भीगते खेलने लगे. ये क्लास रूम कम कोई छोटा सा स्विमिंग पूल ज्यादा नजर आ रहा था. बच्चों के मजे में आप कुछ देर के लिए जमीनी हकीकत भूल सकते हैं लेकिन सरकार की कमी तो साफ जाहिर ही हो गई.
ऐसे कैसे पढ़ लिखकर आगे बढ़ेंगे बच्चे
अगर इस तरह से एक घंटे की बारिश में क्लास की स्थिति ऐसी हो जाएगी तो सोचिए ये बच्चे कैसे पढ़कर आगे बढ़ेंगे. यह मामला दतिया शहर के बीच स्थित एक बस्ती के शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय हरिजन बस्ती वार्ड क्रमांक 32 के क्लास रूम का है. जहां एक घण्टे की बारिश में ही स्विमिंग पूल जैसे हालात पैदा हो गए.
मेज- कुर्सी बारिश के पानी में लगी तैरने
बताया जा रहा है इस विद्यालय में लगभग सौ बच्चे पढ़ने आते हैं. दोपहर लगभग एक बजे के आसपास बारिश हुई. उस वक्त बच्चे अपने-अपने क्लास रूम में पढ़ रहे थे.बारिश शुरू हुई और थोड़ी ही देर में पानी स्कूल के बाहर सड़क से सीधा इस क्लास रूम में भर भराकर घुस आया. अचानक आए पानी को देख स्कूल में उपस्थित शिक्षक - शिक्षिकाएं कुछ सोच पाते उससे पहले बच्चे बरसाती पानी में उछलने लगे और मेज- कुर्सी भी पानी में तैरने लगी. स्कूल का रिकॉर्ड जो अलमारी में रखा था वह भी इस बारिश में भीग गया. इस स्कूल में पहले भी इस तरह का वाक्या हुआ है.
सरकारी योजनाओं का क्या है हाल
ये हरिजन बस्ती का स्कूल. इस स्कूल में अधिकांश दलित बच्चे पढ़ने आते हैं. ऐसे स्कूलों के लिए सरकार लाभान्वित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन इन योजनाओं से ऐसे स्कूलों को कितना लाभ मिल रहा है इसका जवाब एक घंटे की बारिश के बाद क्लास के स्विमिंग पूल बनने से लगा सकते हैं.

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