खरगोन की बोतल फैक्ट्री में एक युवती ने पानी की जगह एसिड पी लिया. आनन-फानन में मौजूद लोगों ने युवती को पास के अस्पताल में भर्ती कराया. पीड़िता की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने बड़वाह के ही प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है.युवती की हालत अभी चिंताजनक बताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस ने पीड़ित का बयान ले ली है. साथ ही एसपी ने एसडीओपी को जांच के दिए निर्देश दिए हैं.
मामला बलवाड़ा थाना क्षेत्र के काटकूट फाटे पर स्थित एक बोतल फैक्टरी का है. यहां शराब की बोतलों को एसिड से सफाई की जाती है. यहां करीब 200 मजदूर काम करते हैं. जगतपुरा के रहने वाले युवती रिंकू को फैक्ट्री में काम के दौरान प्यास लगी. उसने पास में काम कर रही मजदूर महिला से पानी मांगा, तो महिला ने बोतल उठाकर दे दी. जैसे ही रिंकू ने पानी पीया, तो वह जोर-जोर से शोर मचाने लगी.
फैक्ट्री में 200 रुपये प्रतिदिन मिलती है मजदूरी
वहीं, थाने से एसआई उमेश करोडे युवती रिंकू का बयान लेने अस्पताल पहुंचे. रिंकु ने अटकते हुए बताया, पिछले चार साल से मैं फैक्ट्री में काम कर रही हूं. वहां 200 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है. हम लोगों का काम एसिड से बोतल धोने का है. बोतल धोते समय मुझे प्यास लगी. पास में रखा पानी पीते ही गले के अंदर जलन होने लगी.
फैक्ट्री में एसिड का उपयोग नहीं होता- फैक्ट्री मालिक
युवती के परिजन शिवराम ठाकरे ने बताया कि काटकूट फाटक पर प्रकाश बोतल नाम की एक फैक्ट्री है. यहां कबाड़ से खरीदी हुई शराब की बोतलों को एसिड से धोकर दोबारा शराब फैक्ट्रियों में बेचा जाता है. इस फैक्ट्री में लगभग 200 महिलाएं काम करती हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों की होती हैं. रिंकू अपनी साथी मजदूरों के साथ बोतल धोने का काम कर रही थी. वहीं,फैक्ट्री मालिक कमलेश जैन का कहना है कि हम फैक्ट्री में एसिड का उपयोग नहीं करते हैं.
दोषी पर की जाएगी कार्रवाई- SP
मामले में एसपी धर्मवीर सिंह का कहना है काटकूट क्षेत्र में प्रकाश बोतल फैक्ट्री है.इसमें बोतल की प्रोसेसिंग और रिपैकिंग भी होती है. उस फैक्ट्री में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी के एसिड पीने की शिकायत मिली है. एसडीओपी घटनास्थल पर जांच के लिए गए हैं. किन परिस्थितियों में ये घटना हुई है. क्या साक्ष्य हैं? ये जांच कर रहे हैं. जांच के बाद जो भी दोषी सामने आएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी

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