कोटा के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में एक वकील अपने बेटे को स्कूटी से इलाज के लिए अस्पताल की पहली मंजिल पर ले गया। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
व्हीलचेयर नहीं मिली तो उठाया ये कदम
कोटा के एमबीएस अस्पताल में वकील अपने बेटे को इलाज के लिए स्कूटी लेकर पहली मंजिल पर पहुंच गया। वकील का कहना था कि व्हीलचेयर नहीं होने पर उसने वहां मौजूद कर्मचारियों से स्कूटी पहली मंजिल पर ले जाने के लिए पूछा तो उन्हाेंने कहा कि अगर संभव है तो वह ले जा सकते हैं। इसके बाद वह स्कूटी को उपर की मंजिल पर ले गया।
पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत करवाया
वार्ड में स्कूटी देख इंचार्ज ने आपति जताई और गाड़ी की चाबी निकाल ली। इसके बाद वार्ड इंचार्ज और वकील में जोरदार बहस हुई। सूचना पर पहुंची नयापुरा पुलिस ने मामला शांत करवाया। वकील मनोज जैन ने कहा कि उसके बेटे का पैर टूटने पर वे उसे अस्पताल आए थे। अस्पताल में व्हीलचेयर नहीं मिलने पर उसने वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा कि व्हीलचेयर नहीं मिल रही तो क्या वह अपने बेटे को स्कूटी से वार्ड में ले जा सकते हैं। अनुमति मिलने पर वह अपने बच्चे को स्कूटी को लिफ्ट के जरिए पहली मंजिल पर ले आया।

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