प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।
गृह निर्माण संस्थाओं से लेकर जमीनों के तमाम घोटालों में शामिल रहे इंदौर के चर्चित भूमाफिया अब ईडी यानी इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट के चंगुल में भी फंसे हैं। ईडी अफसरों ने आज सुबह जेल में बंद दीपक मद्दे के साथ कई संस्थाओं की जमीनों में भागीदार रहे सुरेन्द्र संघवी और मनीष शहारा के ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की है।
पिछले ही दिनों पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने मद्दे सहित अन्य भूमाफियाओं की कुंडली ईडी को सौंपने की शुरुआत भी की थी। दरअसल अब इन भूमाफियाओं पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रकरण चलेगा। आरोप है कि इन्होंने बड़े पैमाने पर कालेधन का इस्तेमाल किया और सैकड़ों करोड़ की धोखाधड़ी भी की है।
आज सुबह दो गाडिय़ों में पुलिस जवानों के साथ ईडी के अधिकारी संघवी के बिचौली स्थित प्रगति पार्क के बंगले पर पहुंचे। उस दौरान संघवी और उनके भाई बाहर टहल रहे थे। ईडी ने सुरेन्द्र संघवी को वारंट थमाया और घर के अंदर ले गए। इसके बाद उनके भाइयों और परिजनों को भी अंदर जाने से रोक दिया गया। दरअसल दो साल पहले जब भूमाफियाओं के खिलाफ फिर से अभियान चला तब तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह ने सुरेन्द्र संघवी, दीपक मद्दे सहित अन्य भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।वहीं पिछले दिनों कल्पतरु गृह निर्माण संस्था में लगभग 5 करोड़ रुपए की राशि अपने निजी खातों में जमा कर लेने के चलते पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मद्दे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और नतीजतन वह अभी जेल में ही है। जबकि अन्य प्रकरणों में उसने जमानत हासिल कर ली थी। चूंकि पुलिस ने 5 करोड़ रुपए के लेन-देन का मामला मद्दे के खिलाफ पकड़ लिया, जो सीधा-सीधा मनी लॉन्ड्रिंग का भी बनता है और पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने पिछले दिनों ही मद्दे सहित अन्य माफियाओं की फाइल बनाकर ईडी को भी सौंपी थी। पुलिस कमिश्नर की उसी रिपोर्ट के आधार पर आज ईडी ने कार्रवाई शुरू की है।

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