दिवाली बाद शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक के लिए सुखद खबर।
इंदौर-
दिवाली के बाद शहर की सबसे बड़ी समस्या अव्यवस्थित ट्रैफिक के लिए अच्छी खबर आई है। गुरुवार से इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत स्मार्ट सिग्नल लगाने के लिए सर्वे शुरू हो रहा है। आईटीएमएस के तहत शहर के 50 चौराहों पर ‘स्मार्ट सिग्नल लगाए जाने हैं।
एक महीने तक यह सर्वे चलेगा। फिर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर ऑटोमेटिक चालान बनेंगे। इसके अलावा जिस तरफ ट्रैफिक लोड ज्यादा होगा, उस तरफ सिग्नल ऑटोमैटिक ग्रीन हो जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सीएमएस कंपनी को इसका टेंडर दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 30 करोड़ खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि शहर के सारे एंट्री पॉइंट्स पर काउंटिंग सेंसर्स भी लगेंगे, ताकि यह पता चल सके कि दिनभर में कितनी गाड़ियां शहर में आईं और कितनी शहर से बाहर गईं।
ट्रैफिक पुलिस हर साल चालानी कार्रवाई से 3 करोड़ कमाती, कुछ हिस्सा निगम ने मांगा
लंबे समय तक मेंटेनेंस को संभालने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से एक प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है, जिसमें चालानी कार्रवाई से होने वाली वसूली का कुछ प्रतिशत दिए जाने की मांग रखी है। इसे लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ ऋषव गुप्ता कहते हैं कि चालानी कार्रवाई से कुछ प्रतिशत राशि संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा है।
आंकड़े देखें तो यातायात विभाग की चालानी कार्रवाई में करीब तीन करोड़ का राजस्व मिल रहा है। प्रति चालान 500 से हजार रुपए चालक से लिए जाते हैं। हेलमेट नहीं पहनने पर 250 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
ऐसा माना जा रहा है कि इस सिस्टम के बाद चालान की संख्या बढ़ेगी। इसलिए कुछ हिस्सा निगम के खाते में भी जमा होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस सिस्टम को चलाने में जो पैसा खर्च होगा उससेे मेंटेनेंस में मदद मिल सके।
1 माह बाद चौराहों पर सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम शुरू होगा
सर्वे एक माह तक चलेगा। इसके बाद चौराहों पर इन्हें लगाना शुरू किया जाएगा। सीईओ गुप्ता के मुताबिक इसके तहत रेड लाइट वायलेंस डिटेक्टर, सेंसर्स, सॉफ्टवेयर सहित कई काम होंगे। सबसे पहले रेड व ग्रीन लाइट की टाइमिंग ट्रैफिक के हिसाब से बदलेगी। चौराहों पर ऑटोमेटिक टाइमिंग रहेगी।
बीआरटीएस के सभी चौराहे इसमें कवर किए जा रहे हैं। चौराहों पर खड़े वाहनों की कतार देख सिग्नल अपने आप ग्रीन, रेड होंगे। मसलन किसी एक सड़क पर ज्यादा वाहन चालक खड़े होंगे तो वहां लाइट ज्यादा देर तक ग्रीन रहेगी। ऑटोमेटिक चालानी कार्रवाई होगी। इसमें रेड लाइट वायलेशन, नो हेलमेट सहित अन्य चालान बनेंगे। इसके बाद स्पीड वायलेशन को भी डिटेक्ट किया जाएगा।
इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण फंक्शन क्लासिफिकेशन और काउंटिंग सेंसर रहेगा। शहर के विभिन्न एंट्री पॉइंट पर लगाया जाएगा। इससे यह पता लगेगा कि शहर के अंदर आने वाला और बाहर जाने वाला ट्रैफिक कितना है और किस तरह का ट्रैफिक है। इस पूरे सिस्टम का इसका कंट्रोल रूम एआईसीटीएसए ऑफिस में रहेगा।
ज्यादा ट्रैफिक वाले प्रमुख चौराहों पर लगेगा सिस्टम
आईटीएमएस के तहत यातायात दबाव वाले शहर के अमूमन सभी चौराहों को कवर किया गया है। निरंजनपुर चौराहा, विजय नगर चौराहा होते हुए पलासिया, गीता भवन, नौलखा चौराहा, भंवरकुआं चौराहा, राजीव गांधी चौराहा, बड़ा गणपति, आईटी पार्क, इंदिरा प्रतिमा, महेश गार्ड लाइन, हाई कोर्ट घंटाघर, खजराना, बंगाली चौराहा, कोठारी मार्केट सहित 50 चौराहों पर इसे लगाया जाएगा। 4डी राडार भी हर चौराहे पर लगेगा। इससे ट्रैफिक जाम की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
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