महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने समाज में आज भी मौजूद सामाजिक श्रेष्ठता के अहंकार और पिता की झूठी इज़्ज़त के नाम पर उठे हथियार को उजागर कर दिया है।
एक रिटायर्ड CRPF अधिकारी ने अपनी ही बेटी को गोली मार दी, सिर्फ इसलिए कि उसने अपने प्यार को महत्व देते हुए एक 12वीं पास युवक से शादी कर ली थी।
शादी से नाराज पिता ने की खौफनाक वारदात
एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकी बेटी की शादी उसकी पसंद से हुई थी - अविनाश वाघ नाम के युवक से, जो 12वीं पास है। लेकिन बेटी का यह फैसला उसके पिता किरण को मंजूर नहीं था। शादी के कुछ समय बाद जब परिवार हल्दी समारोह के लिए चोपड़ा तहसील पहुंचा, तो वहां पिता ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से बेटी को गोली मार दी। अविनाश को भी गोली मारी गई, जो गंभीर रूप से घायल हो गया।
पिता का साथ देता बेटा भी बना आरोपी
इस खौफनाक वारदात में सिर्फ पिता ही नहीं, बल्कि उसका बेटा निखिल भी शामिल था। दोनों मिलकर मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने निखिल को गिरफ्तार कर लिया है और पिता किरण को लोगों ने पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। फिलहाल आरोपी पिता वेंटिलेटर पर है।
प्रेम विवाह आज भी बन रहा है 'अपराध'?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है - क्या बेटियों की पसंद को समाज अभी भी स्वीकार नहीं कर पा रहा? क्या किसी की डिग्री, जाति या आर्थिक स्थिति आज भी रिश्तों से बड़ी मानी जाती है? जलगांव की यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस सोच की मौत है जो बेटी को 'अपनी इज्जत की वस्तु' मानती है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने अविनाश की मां की शिकायत पर पिता-पुत्र पर हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। अविनाश का इलाज पुणे के ससून अस्पताल में जारी है, जबकि पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू हो चुकी है।
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