मक्सी मध्य प्रदेश में विद्युत मंडल की लापरवाही के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन बिजली का 5-5 मिनट में अनियमित आना-जाना न केवल घरेलू जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गहरा असर डाल रहा है। कई बार मेंटेनेंस के नाम से घंटों बिजली गुल हो जाती है, जिससे आम नागरिक व्यापारी अन्नदाता किसान बहुत परेशान है इधर गर्मी का कहर भी दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है इसी प्रकार मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के कर्मचारियों का भी कहर कोई गर्मी से कम नहीं है फोन लगाकर बात करने की सोचते हैं तो विद्युत मंडल का लैंडलाइन फोन कई वर्षों से बंद पड़ा है
50 सौ वार विद्युत मंडल के अधिकारी को शिकायत भी की परंतु अधिकारी जी के कानों तक जू नहीं रेंगती कर्मचारी को एक- नया धंधा मिल गया है व्हाट्सएप ग्रुप जिसमें नगर के समस्त उपभोक्ताओं को जोड़ रखा है और उनकी मर्जी पड़े जब ट्रांसफार्मर के पास चार जने खड़े होकर फोटो व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल देते हैं और कहते हैं कि अभी मेंटेनेंस का काम चल रहा है क्या मेंटेनेंस का काम पूरे 12 महीने ही चलता रहता है यदि बिजली का यही रवैया चलता रहा तो जनता का जन आक्रोश रोड पर आ जाएगा और इसकी जिम्मेदारी विद्युत मंडल की होगी ।
ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति और भी गंभीर है। ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद महीनों तक मरम्मत नहीं होती, जिससे किसान सिंचाई तक नहीं कर पाते। गर्मी के मौसम में लगातार कटौती से लोगों का जनजीवन बेहाल हो जाता है। शिकायतें करने के बावजूद विद्युत मंडल के अधिकारी समय पर न तो जवाब देते हैं और न ही समाधान प्रदान करते हैं।
यह लापरवाही न केवल आम जनता के धैर्य की परीक्षा ले रही है, बल्कि विकास कार्यों में भी बाधा बन रही है। सरकार को चाहिए कि वह विद्युत मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार करे और जवाबदेही तय करे, ताकि जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवा मिल सके।
रिपोर्ट - मनोज जोशी
एडिटर इन चीफ - ईशाक खान

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