देश के 20 राज्यों में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों के बीच अब नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी की नजरें BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष पर टिकी हैं।
खबरों के मुताबिक, इस बार पार्टी दक्षिण भारत से किसी नेता को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है।
होली के बाद नए अध्यक्ष की घोषणा संभव
माना जा रहा है कि होली के बाद, 20 मार्च तक BJP को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। संगठन के चुनावों की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। 12 राज्यों में संगठन चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अगले कुछ दिनों में 6 और राज्यों में चुनाव पूरे हो जाएंगे। जैसे ही 50% राज्यों में संगठन चुनाव पूरे होंगे, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
दक्षिण भारत से अध्यक्ष चुने जाने की संभावना
BJP दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इस बार किसी दक्षिण भारतीय नेता को अध्यक्ष बना सकती है। इस रेस में BJP के OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण, पार्टी महासचिव विनोद तावडे, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और प्रह्लाद जोशी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।
के लक्ष्मण: तेलंगाना के वरिष्ठ नेता हैं और BJP के राष्ट्रीय OBC मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं।
जी किशन रेड्डी: तेलंगाना BJP के अध्यक्ष और सिकंदराबाद से सांसद हैं।
प्रह्लाद जोशी: कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं।
विनोद तावडे: पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं।
RSS की भूमिका अहम
BJP का अगला अध्यक्ष वही बनेगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का समर्थन मिलेगा। पार्टी के इतिहास पर नजर डालें तो अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, नितिन गडकरी और अमित शाह जैसे दिग्गज नेता इस पद पर रह चुके हैं। इन नेताओं ने पार्टी को चुनावी जीत की मशीन के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी।
दक्षिण भारत में विस्तार की रणनीति
BJP के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत करना है। 2002 से 2004 के बीच आंध्र प्रदेश के वेंकैया नायडू BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उसके बाद से दक्षिण भारत से कोई भी नेता इस पद पर नहीं आया है। ऐसे में अब पार्टी इस क्षेत्र से किसी नेता को अध्यक्ष बनाकर वहां के चुनावी समीकरण को साधने की कोशिश कर सकती है। BJP में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा 2020 में इस पद पर चुने गए थे और बाद में उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। अब देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी की कमान अगला कौन संभालेगा।
إرسال تعليق