आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार (22 सितंबर) को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भ्रष्ट साबित करने की साजिश रची।दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'जनता की अदालत' कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए केजरीवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे खिलाफ साजिश रची। उन्होंने मुझे और (AAP नेता) मनीष सिसोदिया को भ्रष्ट साबित करने की साजिश रची। उन्होंने हमारी छवि खराब करने की कोशिश की।" केजरीवाल ने कहा कि वह पिछले 10 सालों से "ईमानदारी से" दिल्ली सरकार चला रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि "उनके खिलाफ जीतने का एकमात्र तरीका उनकी ईमानदारी पर हमला करना है"।
अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, "मैंने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि मुझे मुख्यमंत्री की कुर्सी की भूख नहीं है। मैं यहां पैसा कमाने नहीं, बल्कि देश की राजनीति बदलने आया हूं।" AAP प्रमुख ने कहा कि वह कुछ दिनों में मुख्यमंत्री आवास छोड़ देंगे। केजरीवाल ने आगे दावा किया कि 10 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद भी उनके पास दिल्ली में घर नहीं है।
RSS से पूछे 5 सवालअरविंद केजरीवाल ने RSS से पूछा कि क्या वह केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक दलों को तोड़ने, विपक्षी दलों की सरकारें गिराने और भ्रष्ट नेताओं को अपने पाले में करने की BJP की राजनीति से सहमत है। दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जंतर-मंतर पर अपनी पहली सार्वजनिक रैली 'जनता की अदालत' में केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से पांच सवाल पूछे। इनमें एक सवाल यह भी था कि क्या रिटायरमेंट की आयु से संबंधित भाजपा का नियम मोदी पर भी लागू होता है, जैसा कि लालकृष्ण आडवाणी पर लागू हुआ था।
उन्होंने भागवत से पूछा कि क्या वह राजनीतिक नेताओं को भ्रष्ट कहने और फिर उन्हें अपने पाले में शामिल करने की बीजेपी की राजनीति से सहमत हैं। केजरीवाल ने एक अन्य सवाल में भागवत से पूछा कि जब बीजेपी प्रमुख जे.पी. नड्डा ने कहा कि उनकी पार्टी को अपने वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस की जरूरत नहीं है तो उन्हें कैसा लगा।
आबकारी नीति मामले में पांच महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद 13 सितंबर को तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए केजरीवाल ने कहा कि वह देश की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं, न कि किसी सत्ता या पद के लालच में। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से आहत होकर इस्तीफा दिया है।
ये है 5 सवाल
1. जिस तरह से मोदी जी पार्टियों को तोड़ रहे हैं और देश भर में सरकारों को लालच देकर या ED और CBI की धमकी देकर गिरा रहे हैं, क्या यह सही है?
2. मोदी जी ने अपनी पार्टी में सबसे भ्रष्ट नेताओं को शामिल किया है, जिन्हें वे खुद भ्रष्ट कहते हैं, क्या आप ऐसी राजनीति से सहमत हैं?
3. भारतीय जनता पार्टी RSS की कोख से पैदा हुई है, BJP को गुमराह न होने देना RSS की जिम्मेदारी है, क्या आपने कभी मोदी जी को गलत काम करने से रोका है?
4. लोकसभा चुनाव के दौरान जेपी नड्डा ने कहा था कि उन्हें RSS की जरूरत नहीं है। क्या बेटा इतना बड़ा हो गया है कि वह मां को ही आंखे दिखाने लगा है? बेटा मातृ संस्था के प्रति अपनी नाराजगी दिखा रहा है। क्या आपको दुख नहीं हुआ जब उसने ऐसा कहा?
5. आप लोगों ने कानून बनाया था कि नेता 75 साल के बाद रिटायर हो जाएंगे... अमित शाह कह रहे हैं कि यह नियम मोदी जी पर लागू नहीं होगा। जो बात आडवाणी जी पर लागू होती है, वह मोदी जी पर क्यों नहीं लागू होगी?

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