मध्यप्रदेश के पन्ना में जिला अस्पताल की लापरवाही सामने आई है. जहां खाली ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ युवक को रेफर करने के कारण उसकी मौत हो गई. युवक की तबीयत खराब होने की वजह से उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था. लेकिन, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. मामले में मानवाधिकार आयोग ने कलेक्टर से जवाब मांगा है.
मरीज के परिजनों ने लगाए आरोप
मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रेफर करते समय जो ऑक्सीजन सिलेंडर दिया गया था वो रास्ते में ही खत्म हो गया. आरोप के बाद मामला संज्ञान में आया तो मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने पन्ना के जिलाधिकारी से जवाब मांगा है. तीन हफ्ते के अंदर जवाब देने की बात की है.
युवक ने खाया था जहरीला पदार्थ
युवक किसी बात को लेकर जहर खा लिया था. उसके बाद उसे गंभीर हालत में परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां पर उसे भर्ती किया गया पर उसकी हालत में कोई भी सुधार नहीं हो रहा था. हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था और आरोप है कि उसके बाद ये घटना हुई.
परिजनों ने लगाया आरोप
युवक की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि रेफर करते वक्त जो ऑक्सीजन सिलेंडर दिया गया था उसमें ऑक्सीजन काफी ज्यादा कम थी जो कुछ ही दूर जाने के बाद खत्म हो गई. युवक की मौत के बाद परिजनों को पन्ना के जिलाधिकारी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.
तीन हफ्ते में मांगा जवाब
युवक की मौत के बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने एक बयान जारी किया है. जिसमें बताया है कि एक युवक पन्ना अस्पताल में भर्ती था उसकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल स्टॉफ ने खाली ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे रीवा रेफर किया जिसकी वजह से रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसे लेकर आयोग ने पन्ना जिला कलेक्टर से तीन हफ्ते के अंदर जांच कराकर जवाब मांगा है.
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