देवास :- मप्र मानव अधिकार आयोग ने देवास जिले के सिविल अस्पताल, खातेगांव में बीते बुधवार को एक महिला नसबंदी शिविर के दौरान डाॅक्टर द्वारा 35 मरीजों को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर गायब हो जाने की घटना पर संज्ञान लिया है।
क्या था मामला
नसबंदी कराने आई महिलाओं के परिजनों का कहना था कि जब आपरेशन नहीं करना था, तो इन्हें बेहोश क्यों किया गया, जबकि आपरेशन करने वाली टीम के डाॅक्टर का कहना था कि यह सिर्फ 30 लोगों के आपरेशन के लिए आए थे। हंगामें के दौरान पहुंचें बीएमओ से मामले में जानकारी ली गई, तो बीएमओ बौखलाए भरे अंदाज में उनसे बोले कि जिनका आपरेशन नहीं हुआ है वे अगले बुधवार को आ जाएं। मामले में आयोग ने मुख्य चिक्त्सिा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, देवास से प्रकरण की जांच कराकर पन्द्रह दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने यह भी कहा है कि आपरेशन टीम के डाॅक्टर के अनुसार यदि 30 आपरेशन ही करने थे, तो करीब 70 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कर प्रारंभिक प्रक्रिया क्यों की गई, इसका कारण एवं की गई कार्यवाही का स्पष्ट विवरण के साथ ही प्रतिवेदन दिया जाये।
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