झूठे मुकदमे दर्ज हो रहे
सीएम ने आगे लिखा कि एक तरफ प्रदेश में खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है तो दूसरी तरफ किसान परेशान हो रहा है. सरकार कालाबाजारी करने वालों को संरक्षण दे रही है और किसानों की आवाज उठाने वालों पर झूठे मुकदमे लगा रही है. कमलनाथ ने सीएम से मांग की है कि वो तुरंत ही किसानों की खाद दिलवाएं.
भूख-प्यास से गई जान
दरअसल सीहोर की ढाबला सहकारी समिति में जहां रामा खेड़ी निवासी एक वृद्ध किसान शिवनारायण सुबह से भूखे प्यासे रहकर खाद लेने के लिए की लाइन में लगे था. लाइन में किसान को चक्कर आ गए. उसके बाद उसकी मृत्यु हो गई. शिवनारायण की उम्र 65 वर्ष बताई जा रही है. किसान के परिजनों का आरोप है कि किसान दो-तीन दिन से खाद के लिए परेशान थे, वो सुबह से ही बिना कुछ खाए पिएं खाद लेने के लिए निकल पड़े थे.
अचानक हई मौत
वहीं इस मामले में जब सहकारी समिति प्रबंधक शंकरलाल से पूछा गया तो उनका कहना था कि हमने यहां से उनके लिए खाद की पर्ची काट दी थी. गोडाउन में जाते समय उनकी मृत्यु हुई है. बरहारल जो भी हो नेताओं की अनदेखी का खामियाजा अब किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.
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