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विक्रम विश्वविद्यालय से छात्रों ने बनाई दुरी:100 से अधिक कोर्स में एक भी एडमिशन नहीं ,पांच महिने से चल रही प्रवेश तिथि

 


उज्जैन- विक्रम विश्वविद्यालय में संचालित नए व पुराने करीब 245 स्नातक व स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया जून माह से प्रारंभ हुई थी। इधर पाठ्यक्रमों की सीटें भरने के लिए विश्वविद्यालय ने पांच महिने में कई बार प्रवेश की तिथि बढ़ाई है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों के लिए करीब पांच हजार आवेदन आए थे जिनमें करीब दो हजार प्रवेश हो चुके है। हालांकि अभी 31 अक्टूबर अंतिम तिथि है। इसके बाद भी करीब सौ से अधिक पाठ्यक्रमों में जीरो की स्थिति है। वहीं करीब 50 पाठ्यक्रमों में अधिकतम 5 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है।

विक्रम विश्वविद्यालय की करीब 30 से अधिक अध्ययनशाला में प्रवेश के लिए जून से प्रवेश लिंक शुरू होने के बाद अंतिम तिथि सितंबर तक तिथि बढाई थी। प्रवेश पूर्ण नही होने पर 30 सितंबर से फिर 15 अक्टूबर और इसके बाद 31अक्टूबर प्रवेश के लिए बढ़ाई है। पांच महिने से चल रही प्रवेश प्रक्रिया में करीब पांच हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किए थे। इनमें भी करीब दो हजार विद्यार्थियों ने फीस जमा कर प्रवेश लिया है। खास बात यह है कि दो हजार प्रवेशित विद्यार्थियों में विश्वविद्यालय की नर्मल प्रवेश प्रक्रिया, सीयूटी की परीक्षा देने वाले और हाल ही में डीटीई(तकनीकी शिक्षा संचालनालय भोपाल) से होने वाले प्रवेश भी शामिल है। ऐसी स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रवेश की क्या स्थिति है। डीटीई के माध्यम से जहां हजारों विद्यार्थियों के आने की उम्मीद जताई जा रही थी, उसके तहत अभी तक करीब 125 प्रवेश हुए है।

डीटीई के प्रवेश में दो विभागों में विद्यार्थी कम पहुंचे

हाल ही में डीटीई भोपाल के माध्यम से दो सेंट्रलाईज काउंसलिंग और दो कॉलेज लेबल काउंसलिंग में विश्वविद्यालय के एमबीए, एमसीए और इंजीनियरिंग की विभिन्न ब्रांच के लिए प्रवेश की प्रकिया हुई है। इन काउंसलिंग में केवल कम्प्युटर सांईस अध्ययनशाला में संचालित एमसीए पाठ्यक्रम की पूरी 39 सीटें पूर्ण हुई है। वहीं एमबीए में निर्धारित 60 सीटों में से 20 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं इंजीनियरिंग की विभिन्न ब्रांच के लिए निर्धारित करीब 350 सीटों में 60 से 70 सीटों पर प्रवेश हुआ है। हालांकि कहा जा रहा है कि डीटीई भोपाल से एक बार फिर काउंसलिंग कराने के प्रयास किए जा रहे है। जिससे निर्धारित सीटों में आधी सीटें भर सकें।

100 से अधिक डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स में जीरो स्थिति

विक्रम विवि ने छात्रों का रूझान बढाने के लिए सर्टिफिकेट व पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुुरू किए है। आश्चर्य की बात यह है कि दोनो कोर्स में करीब 100 से अधिक पाठयक्रमों में एक भी छात्र ने प्रवेश शुल्क जमा नही किया है। यहां प्रवेेष शुल्क जमा कराने में जीरो की स्थिति है। वहीं करीब 50 पाठ्यक्रमों में एक-दो या पांच विद्यार्थियों के प्रवेश हुए है। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से जो फीस आ रही है, उससे कहीं अधिक शिक्षक के वेतन पर खर्च उठाना पड़ सकता है।

सीयूटी के विद्यार्थियों के लिए 1 नवंबर से सत्र

विश्वविद्यालय के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार पूर्व में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका है। वहीं सीयूटी के माध्यम परीक्षा देकर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन के निर्देश पर 1 नवंबर से सत्र की शुरूआत होगी। हालांकि पढाई में पिछडऩे के प्रश्र पर शिक्षकों का कहना नए विद्यार्थियों को पूर्व के विद्यार्थियों के साथ लाने के लिए एक्सट्रा क्लासेस लगाकर पढ़ाई कराई जाएगी। विश्वविद्यालय में वैसे भी सीयूटी के माध्यम से अभी तक करीब 120 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बता दें कि शासन के नियमों के तहत विद्यार्थी के प्रवेश लेने और परीक्षा होने के बीच 90 दिनों का अंतराल जरूरी है।

इनका कहना है हजारों छात्रों ने सीयूटी के तहत विक्रम विश्वविद्यालय का चयन किया है।अभी अंतिम तिथि में समय है। प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। आवेदन करने वाले छात्रों का प्रवेश होना है। उम्मीद है अधिकतम प्रवेश होंगे।डॉ. शैलेंद्र शर्मा, मीडिया प्रभारी विक्रम विश्वविद्यालय


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