मध्य प्रदेश के रतलाम से एक बड़ी खबर है. यहां बुधवार की आधीरात को शहर के कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई. आग इतनी भयावह थी कि इसकी लपटें दूर तक फैली, दहशत जदा लोग जान बचाने के लिए आधीरात को यहां वहां भागते रहे. 15 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया, पूरे इलाके की बिजली बंद की गई, घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली. इस पूरी घटना के बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है.
रतलाम शहर के मध्य हाट की चौकी क्षेत्र स्थित वेद व्यास कॉलोनी में देर रात कबाड़ा गोदाम में लगी भीषण आग ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए. रात करीब 12 बजे लगी आग को काबू करने के लिए दमकल की 15 गाड़ियां घंटों मशक्कत करती रहीं. हालात इतने गंभीर रहे कि शहर से बाहर के फायर ब्रिगेड वाहन भी मौके पर बुलाने पड़े. आग जिस इलाके में लगी वहां नर्सिंग होम, मैरिज हॉल, घर और दुकानें बमुश्किल कुछ कदम की दूरी पर थे.
सूचना मिलते ही स्थानीय रहवासी और पुलिस मौके पर पहुंच गई. खतरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र की बिजली बंद करनी पड़ी ताकि जनहानि से बचा जा सके. फायर कर्मियों के साथ रहवासी भी आग बुझाने में लगे रहे.
प्रशासन की लापरवाही उजागर
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गोदाम को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए प्रशासन ने वर्षों पहले समय सीमा तय की थी. 25 दिसंबर 2021 को बिना अनुमति बने शेड को तोड़ा भी गया था. लेकिन उसके बाद क्या हुआ? ना गोदाम बाहर गया, ना कार्रवाई आगे बढ़ी… और नतीजा सामने है,भीषण आग, जहरीला धुआं और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी. प्रशासन की इस ढीली कार्यशैली ने आज आस-पास के हजारों लोगों को खतरे में डाल दिया. धुएं और कैमिकल की तेज बदबू के कारण मौके पर मौजूद अधिकारी भी सांस नहीं ले पा रहे थे. हमारे संवाददाता साजिद खान को भी सांस लेने में काफी दिक्कत हुई, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाते हुए यह खबर आप तक पहुंचाई. बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन पहले ही इस गोदाम को खतरनाक घोषित कर चुका था, तो कार्रवाई अधूरी क्यों छोड़ दी गई?क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार था?
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