मध्य प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। तहत उज्जैन-मक्सी मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। यह परियोजना न केवल उज्जैन और मक्सी के बीच आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश के धार्मिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। 36.50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन में अपग्रेड करने की योजना सिंहस्थ 2028 से पहले पूरी करने का लक्ष्य है। आइए इस प्रोजेक्ट के महत्व, विशेषताओं और प्रभाव को समझते हैं।
परियोजना का जानकारी
मध्य प्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण (MPRDC) ने उज्जैन-मक्सी मार्ग को फोरलेन में बदलने के लिए 704 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किए हैं। इस परियोजना में 55 छोटी पुलियाओं, 9 बड़े पुलों और 1 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है। इंदौर रेल सेक्शन पर उज्जैन के आईटीआई के सामने मौजूदा रेलवे ओवरब्रिज के समानांतर एक नया पुल भी बनाया जाएगा। यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर प्रस्तावित न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) लोन के तहत पूरी होगी।
उज्जैन और मक्सी में इस परियोजना का कितना है महत्व?
उज्जैन, जो महाकालेश्वर मंदिर के लिए विश्व प्रसिद्ध है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मक्सी एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन होने के साथ-साथ व्यापारिक केंद्र भी है। वर्तमान में यह मार्ग दो-लेन है, जिसके कारण यातायात जाम और देरी की समस्या आम है। फोरलेन मार्ग बनने से यात्रा का समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। साथ ही, सिंहस्थ 2028 के दौरान भारी भीड़ को संभालने में यह सड़क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निर्माण और समयसीमा
टेंडर प्रक्रिया 4 फरवरी 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है, और का निर्माण कार्य 730 दिनों (लगभग 2 वर्ष) में पूरा करने का लक्ष्य है। डीपीआर और फिजिबिलिटी सर्वे का काम पहले ही अंतिम चरण में है। Ujjain-Maksi Road Four-Lane Project के तहत पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए सड़क किनारे वृक्षारोपण और जल निकासी व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान देगा।
उज्जैन क्षेत्र पर प्रभाव
परियोजना उज्जैन और मक्सी के बीच व्यापार, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल परिवहन आसान होगा और लागत में कमी आएगी। साथ ही, यह मार्ग इंदौर और देवास जैसे अन्य प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। क्षेत्र के निवासियों को सुरक्षित और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा।
मध्य प्रदेश के सड़क विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना न केवल उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देगी, बल्कि आर्थिक प्रगति में भी योगदान देगी। टेंडर जारी होने के साथ ही इस प्रोजेक्ट ने उम्मीद की किरण जगाई है। अगर आप इस क्षेत्र से जुड़े हैं, तो यह आपके लिए एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत है।

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