फरीदाबाद : जब सियानंद मिश्रा फरीदाबाद की स्थानीय जेल में गए, तो उनके बेटे के हत्यारे ने उनके पैर छुए और माफी मांगी. मिश्रा ने 27 अगस्त को आरोपी अनिल कौशिक से हुई दर्दनाक मुलाकात को याद करते हुए कहा, "उसने कहा कि उसे लगा कि मेरा बेटा मुसलमान है.
अब उसे एक ब्राह्मण की हत्या का पछतावा है."
गुरुग्राम के कुख्यात बजरंग दल के सदस्य और 'गौरक्षक' कौशिक को स्थानीय तौर पर फरीदाबाद के मोनू मानेसर के नाम से जाना जाता है. कौशिक और चार अन्य को 19-वर्षीय आर्यन मिश्रा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. शुरुआत में पुलिस को शक था कि यह गैंगवार का मामला है.
हालांकि, जांच से पता चला है कि कौशिक और उसके साथियों को लगा कि आर्यन और उसके दोस्त अपनी कार में गायों की तस्करी कर रहे हैं. यह घटना 24 अगस्त को सुबह 3 बजे के आसपास हुई, चरखी दादरी में एक मुस्लिम प्रवासी मजदूर की भीड़ द्वारा हत्या के बमुश्किल तीन दिन बाद, जिन्हें लगा कि उसने गोमांस खाया है.
फरीदाबाद में अपने दो कमरों वाले अपार्टमेंट की छत पर कुर्सी पर बैठे मिश्रा ने कहा, "मैंने कौशिक से पूछा, 'तुम किसी मुसलमान को क्यों मारोगे? सिर्फ गाय की वजह से?'. उन्होंने आगे बताया, "तुम कार के पहिये पर गोली चला सकते थे या पुलिस को बुला सकते थे. कानून को अपने हाथ में क्यों लिया? और कौशिक के पास कोई जवाब नहीं था."
आर्यन के पिता सियानंद मिश्रा अपने सबसे छोटे बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए गुस्सा ज़ाहिर करते

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