मध्य प्रदेश में मानसून अपना दम दिखा रहा है, जहां मानसून की एक्टिविटी के साथ-साथ अब मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ने लगे हैं। वायरल फीवर के लगातार बढ़ रहे मरीज, घर से निकलकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, जहां सर्दी-जुकाम से शुरू हो रहा है इन्फेक्शन, फेफड़ों तक पहुंच रहा है।मध्य प्रदेश में हाल फिलहाल वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, जहां मरीजों को शुरुआत में सर्दी जुकाम और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं इसके बाद धीरे-धीरे यह लक्षण बढ़ने लगते हैं। समय रहते यदि ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लक्षण जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मरीज अब स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता बन गए हैं, जहां सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ शुरू हो रहा वायरल इंफेक्शन फेफड़ों तक पहुंच रहा है। इन दिनों अस्पताल में निमोनिया, वायरल फीवर, डेंगू और मलेरिया के मरीज बड़ी संख्या में देखने मिल रहे हैं, जहां सरकारी अस्पतालों में तो बेड भी कम पड़ रहे हैं, लगातार वायरल संक्रमण के बढ़ते मरीजों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता बन चुकी है, जहां स्वास्थ्य विभाग में इसके लिए एडवाइजरी भी जारी की है।
संभवत:, यदि समय रहते वायरल फीवर का इलाज कर लिया जाए तो यह 2 से 3 दिनों में ठीक हो सकता है, लेकिन यदि इसे सामान्य सर्दी जुकाम या बुखार की तरह लिया गया, तो फिर यह संक्रमण घातक साबित हो सकता है। इतना ही नहीं, यदि इस संक्रमण का ठीक तरह से इलाज नहीं किया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। यही कारण है कि, समय रहते मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, और चिकित्सकों से अपना इलाज करवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का अमला वायरल फीवर को लेकर अलर्ट नजर आ रहा है, जहां वायरल फीवर से जुड़े मरीजों का तत्काल इलाज किया जा रहा है।

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