उतर प्रदेश के झांसी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक नीरज नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी के लिए दर-दर भटक रहा है। पति के मुताबिक उसने प्रेम विवाह किया था और उसने अपनी पत्नी को खूब पढ़ाया-लिखाया, लेकिन जब वह लेखपाल बन गई तो उसे छोड़कर चली गई।
युवती ने शादी से किया इंकार
पत्नी के लिए वह पुलिस और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। बुधवार को जब उसकी पत्नी लेखपाल पद के लिए नियुक्ति पत्र लेने जा रही थी तो वह उसे ढूंढने निकला, लेकिन उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। इस बारे में जब युवती से मीडिया ने फोन पर बात की गई तो उसने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया और कहा कि उसकी शादी नहीं हुई है।
मैंने उसके लिए सब कुछ किया-नीरज
नीजन ने अपने हाल को बंया करते हुए कहा कि मैं 18 जनवरी से परेशान हूं। मेरी पत्नी रिचा सोनी जो अब लेखपाल बन चुकी है, मुझे छोड़कर चली गई है। जिसके कारण मैं दर-दर भटक रहा हूं। मैं अपनी पत्नी के लिए हर जगह गया, लेकिन वह नहीं मिल रही है। आज उसे लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलना था, जब मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैं कलेक्ट्रेट आया। मैंने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। वह नियुक्ति पत्र लेकर चली गई। मैंने उसके लिए सब कुछ किया।
2022 में ओरछा मंदिर में हुई थी शादी
अपनी प्रेम कहानी का खुलासा करते हुए नीरज ने कहा कि , “मेरी उससे 5-6 साल पहले मुलाकात हुई थी, जब वह छोटे बच्चों को पढ़ाती थी। यह मुलाकात दोस्ती में बदल गई। करीब छह महीने बाद उसे पता भी नहीं चला कि यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई। प्यार होने के बाद दोनों ने ओरछा मंदिर में जाकर अपनी मर्जी से शादी कर ली। शादी करने के बाद दोनों खुशी-खुशी रहने लगे। इसके बाद दोनों में कुछ विवाद हो गया, जिसके चलते वह अपने मायके चली गई। उसने फैमिली कोर्ट में धारा 9 दाखिल कर उसे अपने घर बुला लिया।
मैंने उसके लिए सब कुछ किया-नीरज
नीजन ने अपने हाल को बंया करते हुए कहा कि मैं 18 जनवरी से परेशान हूं। मेरी पत्नी रिचा सोनी जो अब लेखपाल बन चुकी है, मुझे छोड़कर चली गई है। जिसके कारण मैं दर-दर भटक रहा हूं। मैं अपनी पत्नी के लिए हर जगह गया, लेकिन वह नहीं मिल रही है। आज उसे लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलना था, जब मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैं कलेक्ट्रेट आया। मैंने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। वह नियुक्ति पत्र लेकर चली गई। मैंने उसके लिए सब कुछ किया।
2022 में ओरछा मंदिर में हुई थी शादी
अपनी प्रेम कहानी का खुलासा करते हुए नीरज ने कहा कि , “मेरी उससे 5-6 साल पहले मुलाकात हुई थी, जब वह छोटे बच्चों को पढ़ाती थी। यह मुलाकात दोस्ती में बदल गई। करीब छह महीने बाद उसे पता भी नहीं चला कि यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई। प्यार होने के बाद दोनों ने ओरछा मंदिर में जाकर अपनी मर्जी से शादी कर ली। शादी करने के बाद दोनों खुशी-खुशी रहने लगे। इसके बाद दोनों में कुछ विवाद हो गया, जिसके चलते वह अपने मायके चली गई। उसने फैमिली कोर्ट में धारा 9 दाखिल कर उसे अपने घर बुला लिया।

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