मध्य प्रदेश की राजनीति में पिछले एक महीने से चर्चा है कि कांग्रेस का एक दूसरा विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकता है। चर्चा है कि इस दलबदल से कांग्रेस को ज्यादा झटका लगे, इसलिए राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे का समय चुना गया है।कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में चुनावी सभा करने राहुल गांधी मंगलवार को भिंड दौरे पर आ रहे है। इसी बीच कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है।
जानकारी अनुसार लोकसभा चुनाव के लिए ये उनका दूसरा दौरा है। इसके पहले वे सतना लोकसभा सीट पर जनसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन तबितय खराब होने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके थे। पार्टी का फोकस ग्वालियर चंबल क्षेत्र पर है। यही कारण है कि खुद राहुल गांधी यहां जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।
राहुल गांधी की जनसभा से पहले कांग्रेस पार्टी को लो बड़े झटके लगे हैं। एक तो सोमवार को इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम द्वारा नामांकन वापस लेना। तो वहीं दूसरा कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत का बीजेपी में शामिल होना। पिछले दिनों दिग्विजय सिंह ने कहा था कि रामनिवास कहीं नही जा रहे वे यहीं रहने वाले हैं, लेकिन रामनिवास रावत ने भारतीय जनता पार्टी में जाने का मन बना लिया है। यही कारण है कि वे सीएम मोहन यादव की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
6 महीने में दूसरे विधायक कांग्रेस छोड़ेंगे
यदि दलबदल होता है, तो यह विधानसभा चुनाव के बाद 6 महीने के भीतर कांग्रेस छोड़ने वाले दूसरे विधायक होंगे। इससे पहले 29 मार्च को छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा से 3 बार के विधायक रहे कमलेश शाह कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।
विधायक बनने के बाद अब बीजेपी से संपर्क मेंराजनीतिक जानकारों के अनुसार मार्च 2020 में जब सिंधिया कांग्रेस के 22 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे, उस दौरान भी कांग्रेस के वे वरिष्ठ नेता पार्टी में पदाधिकारी बने। हालांकि तब कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने के कारण कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। अब विधायक बनने के बाद वो भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।

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