इंदौर - मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर शहर की आबादी तकरीबन 40 लाख हो चली है और इतनी आबादी के साथ शहर में यातायात का दबाव बढ़ने लगा है. वाहनों की संख्या भी बढ़ने लगी है. सड़कों पर गाड़ियां दनादन दौड़ रही हैं. ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों के लिए सड़क पर जगह नहीं बची है और हादसों का डर बना रहता है. इसको देखते हुए नगर निगम ने एक बड़ी मुहिम को इंदौर में चलाया है और फुटपाथ पर लोगों के लिए पैदल चलने की जगह छोड़ने का संकल्प लिया है.
इसी संकल्प के तहत इंदौर के घने बाजारों में और मुख्य मार्गों पर एक अभियान चलाया गया जिसके तहत फुटपाथ पर व्यापारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया गया. ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां पर व्यापारी लगातार समझाइए देने के बाद भी समझने को तैयार नहीं हैं, ऐसे व्यापारियों पर नगर निगम का डंडा चल रहा है और उन्हें समझाइश देने के अलावा कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उनका सामान भी जब्त किया जा रहा है.
निगम की रिमूवल टीम को मेयर का फ्री हैंड
इंदौर में व्यापारियों द्वारा फुटपाथ पर सामान रख कब्जा करने के चलते सड़कों पर जाम जैसी स्थिति रोजाना देखने को मिल रही है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम की रिमूवल टीम को फ्री हेंड दे दिया है. इसी के चलते इंदौर नगर निगम ने इंदौर के घने इलाके बंबई बाजार के होटलों पर कार्रवाई की ताकि बढ़ते यातायात के दबाव को कम किया जा सके.
मेयर पुष्यमित्र भार्गव खुद उतरे सड़कों पर
जिला प्रशासन और नगर निगम यातायात को सुगम बनाने के लिए कई तरह के प्रयास करते हुए नजर आ रहा हैं, इसी के चलते इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद बाजार में जाकर व्यापारियों से मुलाकात कर उन्हें ट्रैफिक बाधित न करने को लेकर हिदायत भी देते हुए नजर आए थे. वहीं व्यापारियों ने महापौर के प्रयास की सराहना भी की थी. अधिकतर बाजारों में व्यापारियों ने यातायात में सहयोग करते हुए खुद के द्वारा किए हुए अतिक्रमण को हटाने की नगर निगम की इस मुहिम में अपनी जिम्मेदारी निभाई थी.

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