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धार : चामला नदी में नहाने गए दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत, श्राद्ध पर इंदौर से गांव आए थे


धार
: कानवन थानांतर्गत ग्राम भाटबामंदा में चामला नदी में नहाने गए दो चचेरे भाइयों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों बालक इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
परिवार में श्राद्ध का कार्यक्रम होने से गांव आए थे। अचानक हुए हादसे के कारण गांव में शोक छा गया। पुलिस ने मामला जांच में लिया है। शनिवार को भी तालाब में डूबने से दो बच्चियों की मौत हो गई थी। दो दिन में चार बच्चों की डूबने से असमय मौत हो चुकी है।

यह है घटनाक्रम 

रविवार सुबह स्वजन के साथ 18 वर्षीय अजयप्रताप सिंह पुत्र त्रिलोकप्रताप सिंह शक्तावत व 15 वर्षीय निशांत सिंह पुत्र भीष्मप्रताप सिंह गांव से करीब एक किलोमीटर दूर चामला नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान तेज बहाव में दोनों भाई गड्ढे में डूब गए। पता चलते ही हाहाकार मच गया। गांववालों की खोजबीन में पता नहीं चलने पर धार से एसडीआरएफ की टीम बुलवाई गई। टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में दोनों को सिविल हास्पिटल बदनावर लाया गया।

एक साथ उठी दो अर्थियां

सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार सुनील पीडियार समेत स्वजन व बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर स्वजन के सुपुर्द किया। गांव में जब एक साथ दो अर्थियां उठी तो लोगों की आंखें नम हो गईं। मृतक दोनों चचेरे भाइयों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इंदौर से खुशी-खुशी घर आए बच्चों के परिवार में खुशियां मातम में बदल गई। 

दो दिन में चार बच्चों की मौत

तालाब, झील, पोखर, कुएं, बावड़ी आदि सभी भूजल के पुनर्भरण का जरिया है। पिछले दिनों हुई वर्षा से सभी लबालब भरे हुए हैं। इनमें नहाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाहियों के कारण प्रतिवर्ष डूबने से मौतें होती हैं, खासकर बच्चों की। क्षेत्र में दो बीते 24 घंटों में डूबने से चार बच्चों की मौतें हो गई हैं जबकि कानवन की गांगी नदी में ही गुरुवार शाम को नदी के तेज बहाव में गाजनोद के व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में इसलिये होते हैं हादसे

दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के बाहर स्थित तालाब हो या पोखर या नदी-नाले। बच्चे दिन में अकेले ही इनके किनारे चले जाते हैं। जहां या तो नहाते वक्त या पैर फिसलने से गहरे पानी में उतर जाने के कारण बाहर निकलना संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में दुखद घटना में असमय काल के गाल में समा जाते हैं।

पिछले साल भी हुई थी घटना

गत वर्ष ही ग्राम सकतली में 13 वर्षीय अतुल पुत्र दशरथ की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी जबकि नगर के वार्ड क्रमांक 15 के काला भाटा क्षेत्र में पानी की टंकी में गिरने से तीन साल का बच्चा एवं गत वर्ष अक्टूबर में ग्राम घटगारा में दोस्तों के साथ नहाने गए 17 वर्षीय धीरज की डूबने से मौत हो गई थी। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

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