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ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर सरकार का शिकंजा, 1 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस जारी


नई दिल्ली। 
देश में चल रहीं ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर केंद्र सरकार ने अपना शिकंजा कस दिया है। सरकार ने इन कंपनियों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के दायरे में लाने के लिए एक लाख करोड़ के नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां ऑनलाइन बेटिंग पर किसी तरह के टैक्स का भुगतान नहीं करती हैं। हालांकि, जीएसटी काउंसिल ने अगस्त में ही नियम बना दिया था, कि ऑनलाइन गेम प्लेटफॉर्म पर लगाई गई बेट की राशि पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा।

यह है मामला

जीएसटी अफसरों ने इस समय जारी विश्व कप क्रिकेट के दौर में जमकर मुनाफा कमा रहीं ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर अपनी नजरें टेढ़ी कर दी हैं। इन कंपनियों ने जीएसटी के नए नियम के लागू होने के बाद भी अब तक सरकार को टैक्स का भुगतान नहीं किया है। विभाग के एक सीनियर ऑफिसर ने यह भी जानकारी दी है कि एक अक्टूबर 2023 के बाद से भारत में रजिस्टर की गई विदेशी गेमिंग कंपनियों का कोई डाटा सरकार के पास नहीं है। ऐसे में अगर कुछ अन्य कंपनियों का डाटा भी केंद्र सरकार को मिलेगा तो उन्हे भी नोटिस जारी किए जाएंगे।

कानून में हुआ ये बदलाव

पिछले दिनों जीएसटी कानून में संशोधन हुआ था, इसके बाद इंडिया में ऑपरेट हो रहीं सभी विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों का भारत में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया था। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को अब तक एक लाख करोड़ के नोटिस भेज दिए गए हैं। गौरतलब है कि ड्रीम-11 जैसे कई ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और डेल्टा कॉर्प जैसे कैसीनो ऑपरेटर्स को ये नोटिस जारी किए गए हैं। इससे पहले गेमिंग प्लेटफॉर्म गेम्सक्राफ्ट को 21,000 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी के लिए सितंबर 2022 में नोटिस भेजा गया था। इसके खिलाफ कंपनी कर्नाटक हाई कोर्ट चली गई थई और अदालत ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद केंद्र ने इस निर्णय के खिलाफ जुलाई में उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है, जिस पर अब तक अंतिम फैसला नहीं आया है।

अगस्त में हुआ नियमों में बदलाव

जीएसटी काउंसिल ने अपनी बैठकों में ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ को टैक्स के दायरे में लाने की बात कही थी। इसके बाद कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी गई थी। इस नए नियम के अनुसार अब किसी भी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर लगी दांव की राशि पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। उदाहरण के लिए यदि आप किसी क्रिकेट की ऑनलाइन गेमिंग साइट पर किसी टीम के पक्ष में 1000 रूपए का बेट लगाते हैं तो इस पर 280 रूपए का टैक्स लगेगा।

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