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उज्जैन में माधव विज्ञान कालेज बनेगा 'सीएम राइज उत्कृष्ट महाविद्यालय'

उज्जैन- धार्मिक पर्यटन नगरी उज्जैन का शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय, संभाग का पहला 'सीएम राइज उत्कृष्ट महाविद्यालय' बनेगा। ऐसा महाविद्यालय जहां उन्नत प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लासरूम, आडिटोरियम, इनक्यूबेशन सेंटर, सेंट्रल कंप्यूटर लेब, सेंट्रल रिसर्च लेब, छात्रावास, आईटी सेल जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
महाविद्यालय स्वयं परीक्षा संचालित करेंगे।

ए-प्लस ग्रेड पाई थी


उन्नयन से पहले उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालय में दो बड़े बदलाव यहां किए हैं। पहला, महाविद्यालय के प्राचार्य डा. वीके गुप्ता को प्राचार्य पद से हटा दिया है। दूसरा, डा. अर्पण भारद्वाज को संभागीय अतिरिक्त संचालक पद से हटाकर एक बार फिर प्राचार्य नियुक्त कर दिया है। मामले में महकमे के मंत्री डा. मोहन यादव ने ‘नईदुनिया’ से कहा है कि डा. भारद्वाज के प्रयासों से ही माधव विज्ञान महाविद्यालय पिछले वर्ष राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से सर्वोच्च ए-प्लस प्लस ग्रेड पाई थी। इसलिए महाविद्यालय को ‘उत्कृष्ट’ बनाने का जिम्मेदारी भी उन्हीं को सौंपी है।

3500 विद्यार्थी हैं कालेज में

मालूम हो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन करने वाला सबसे पहला महाविद्यालय, माधव विज्ञान महाविद्यालय ही है। इस महाविद्यालय की स्थापना सन् 1969 में हुई थी। वर्तमान में यहां पढ़ाने को 70 शिक्षक नियुक्त और तकरीबन 3500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पिछले वर्ष से यहां बीए और बीकाम का अध्ययन भी कराया जा रहा है। बीएससी, बीसीए, बीए, बीएएसी सहित आठ विषयों में एमएससी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
बास्केटबाल एरिना बनाया गया

महाविद्यालय परिसर में 19 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से एक हजार बैठक क्षमता वाला एकास्टिक साउंड बेस्ड वातानुकुलित सभागार (आडिटोरियम) का निर्माण जारी है। इसके अलावा विश्व बैंक परियोजना मद से यहां साढ़े 7 करोड़ रुपये से बास्केटबाल एरिना बन गया है और माइक्रो बायलाजी और बायो टेक्नोलाजी ब्लाक का निर्माण किया जा रहा है।

कैम्पस में 40 किलोवाट का सोलर पैनल लगाया गया है। यहां पद्मश्री एवं पद्मभूषण प्राप्त वैज्ञानिकों के व्याख्यान हुए हैं। यह स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम करवाने वाला संभाग का पहला महाविद्यालय भी है। महाविद्यालय को ए-प्लस प्लस ग्रेड दिलाने के बाद शासन ने डा. भारद्वाज को प्रमोट कर 1 जून 2022 को अतिरिक्त संचालक नियुक्त किया था। सालभर बाद फिर दोबार डिमोशन कर प्राचार्य नियुक्त कर दिया गया है।

उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जीडीसी का नाम चमक रहा

उच्च शिक्षा विभाग ने अपने पोर्टल पर उत्कृष्ट महाविद्यालयों की सूची जारी की है। इसी सूची में प्रदेश के आठ महाविद्यालयों का नाम प्रदर्शित हो रहा हैं, जिसमें अंतिम नाम उज्जैन के दशहरा मैदान स्थित शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (जीडीसी) का चमक रहा है। सूची में माधव विज्ञान महाविद्यालय का नाम नहीं है। इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने ‘नईदुनिया’ को स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट महाविद्यालय बनाने को माधव विज्ञान महाविद्यालय का ही चयन हुआ है। पोर्टल पर गलत सूची प्रदर्शित हो रही होगी। दशहरा मैदान स्थित शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय का चयन आदर्श (माडल) महाविद्यालय बनाने को किया है।

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