शहडोल - जिसने भी सुना वह स्तब्ध रह गया कि आखिर ईश्वर ऐसा भी खेल खेलता है कि कल तक हंसताखेलता हुआ परिवार आज पूरी तरह से खत्म हो गया।कुछ ऐसा ही हुआ है शहडोल शहर के युवा व्यापारी कार्तिकेय अग्रवाल के साथ। कार्तिकेय 40 वर्ष अपनी पत्नी दीप्ति 38 वर्ष के साथ रविवार को जब अपनी ससुराल वाकल से अपनी कार में बैठकर वापस लौट रहे थे। तभी रात तकरीबन साढ़े आठ बजे उनकी कार को किसी अज्ञात वाहन ने जोहिला पुल के पास टक्कर मार दी जिसके चलते उनकी कार अनियंत्रित हो गई। इस घटना में दोनों पति-पत्नी की मृत्यु हो गई।अब कार्तिकेय के दोनों मासूम बच्चे अब अपनी बूढ़ी दादी के सहारे हो गए हैं।
मां को पता ही नहीं चला कुछ भी
घटना रविवार की रात है और इस घटना का पता पूरे शहर को चल चुका था, लेकिन कार्तिकेय की मां को इस बात की किसी तरह से कोई जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा और बहू अब दुनिया में नहीं रहे।
सुबह जब उन्होंने देखा कि सर्वोदय मार्केट की दुकानें रोज समय पर खुल जाती हैं, लेकिन आज क्यों नहीं खुल रहीं तो उन्हें कुछ शंका तो हुई, लेकिन इस तरह की शंका नहीं हुई कि उनके घर पर दो शव आने वाले हैं। मां को दो घंटे पहले ही बताया गया कि उनका बेटा और बहू अब नहीं रहे। जब सोमवार को चार बजे शव घर पर पहुंचे तो मां रोकर पागल हुई जा रही थी।
कार्तिकेय बहुत मिलनसार और हंंसमुख था
कार्तिकेय के दोस्त बताते हैं कि वह एक जिंदादिल इंसान और मिलनसार व हंसमुख था। कार्तिकेय का विवाह दीप्ति के साथ वर्ष 2013 में हुआ था और दोनों पतिपत्नी बहुत खुश रहते थे। रविवार को जब कार्तिकेय अपनी ससुराल वाकल से लौट रहा था तब भी वह खुश था और अचानक उसके साथ यह सब हो गया। कार्तिकेय इकलौता बेटा था। एक बहन है कीर्ति जो पुणे में अपनी पति के साथ जाब करती हैं और वहीं रहती हैं। उसने भी जब इस घटना को सुना तो उसके होश उड़ गए और तुरंत अपने पति के साथ शहडोल निकल पड़ी।
कार्तिकेय के दोनों बेटे अब दादी के सहारे
कार्तिकेय अग्रवाल का सर्वोदय मार्केट है। इनके पिता जगन्नाथ की मृत्यु जुलाई महीने में ही वर्ष 2012 में हो गई थी। इसके बाद से वे सारा कारोबार और बाबा मोबाइल के नाम से दुकान चलाते थे। घर में सिर्फ मां हैं और दो बच्चे एक आठ साल का और एक चार साल का बेटा है। घटना के समय कार्तिकेय का चार साल का बेटा विभु साथ था जो बुरी तरह से घायल हुआ है। वह जबलपुर मेडिकल कालेज में भर्ती है। बड़ा बेटा आबू आठ साल का है वह अपने घर पर ही दादी के पास था।
अपने माता-पिता की चिता पर मासूम बेटे ने चढ़ाए फूल
जिस समय कार्तिकेय और उनकी पत्नी पत्नी दीप्ति का शमशान घाट में अंतिम संस्कार हो रहा था उस समय लोगों का दिल कलेजे में उस समय आ रहा था तब कार्तिकेय का आठ साल का मासूम बेटा आबू अपने माता-पिता की चिता पर फूल चढ़ा रहा था। अंतिम संस्कार की क्रिया कार्तिकेय के चाचा के लड़के ने की।अंतिम क्रिया के दौरान घाट पर कार्तिकेय के सभी दोस्त मौजूद थे। सभी की आंखें नम थीं
सर्वोदय मार्केट रहा बंद, नहीं खुली दुकानें
इस घटना की खबर लगते ही सर्वोदय मार्केट पूरी तरह से बंद रहा। यह मार्केट कार्तिकेय अग्रवाल का ही है। यहां पर अधिकांश दुकानें बिकी हुई हैं और कुछ किराए से चलती हैं। इस मार्केट के ऊपर ही कार्तिकेय अपना मकान बनाकर रहते थे।कार्तिकेय के दोस्त इस घटना को भी समझ नहीं पा रहे हैं। इनका कहना है कि इस घटना की जांच होना चाहिए ताकि यह पता चले कि यह हादसा था या फिर किसी की साजिश।

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