सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने भारत सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। जैक डोर्सी ने कहा कि भारत में मोदी सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक यूट्यूब चैनल नेट्विटरके पूर्व सीईओ जैक डोर्सी का इंटरव्यू किया। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए, जिनमें एक सवाल यह था कि क्या कभी किसी सरकार की तरफ से उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इसके जवाब में डोर्सी ने बताया कि ऐसा कई बार हुआ। इसके बाद उन्होंने भारत सरकार का उदाहरण दिया। डोर्सी ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से उनके कर्मचारियों के खिलाफ भी छापेमारी की बात कही गई। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने पर ऑफिस बंद करने की भी धमकी दी गई। गौरतलब है कि साल 2020 में भारत सरकार ने देश में 3 कृषि कानून लागू किए थे, जिसके खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन हुआ था। अंतत: एक साल बाद यानी नवंबर 2021 में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया। विरोध-प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर सरकार को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।
मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने डोर्सी के आरोपों को झूठा बताया
भारत सरकार में सूचना तकनीक राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने ट्वीट करते हुए जैक डोर्सी के आरोपों को झूठा करार दिया है। साथ ही उन्होंने जैक डोर्सी पर भारत के प्रति पक्षपातपूर्ण और भेदभाव भरा व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह ट्विटर के इतिहास के उस धुंधले दौर को साफ करने की कोशिश है, जब डोर्सी के कार्यकाल में ट्विटर लगातार भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा था। साल 2020 से लेकर 2022 तक ट्विटर ने भारतीय कानूनों का जमकर उल्लंघन किया। इसके बावजूद किसी भी ट्वीटर कर्मचारी या अधिकारी को जेल नहीं हुई और ना ही ट्विटर को बंद किया गया।
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