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उज्जैन में करणी सेना का आंदोलन, भूख हड़ताल से बिगड़ी तबीयत, जानिए मामला


उज्जैन
: पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बीते 48 घंटों से ज्यादा समय से करणी सेना परिवार के 12 सदस्य बैठे हैं. कई समर्थक भी मौजूद हैं. 12 में से 1 सदस्य गजराज पिता बालूसिंह निवासी ग्राम परासलि झारड़ा महीदपुर तहसील उम्र 35 वर्ष की अचानक चक्कर आना व घबराहट के कारण तबियत बिगड़ी, जिसका जिला असप्ताल में उपचार जारी है. आनन फानन में संघठन प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर मौके पर पहुंचे है.

साथ ही प्रदेश के कई पदाधिकारी भी अब एसपी कार्यालय के बाहर अपनी अपनी टीमों के साथ पहुंचने की तैयारी में हैं. बढ़ती संख्या को देखते हुए एसपी कार्यालय पर सीएसपी सचिन पड़ते के अनुसार 147 का पुलिस बल लोडर के लिए तैनात किया गया है. फिलहाल कोई तनाव पूर्ण माहौल नहीं है. वहीं उपचार रत सदस्य की भी तबीयत में सुधार है.

जानिए पूरा मामला
दरअसल बीते 1 से 2 साल में जिले के महीदपुर थाना प्रभारी द्वारा कई शिकायतों को गंभीरता से ना लेना व शिकायत मामले में फरियादियों से रिश्वत लेना व फरियादियों को प्रताड़ित करने व अन्य मामलों में आपत्तिजनक कार्यशैली का आरोप लगाते हुए करणी सेना परिवार के 12 सदस्य व पदाधिकारी पुलिस कंट्रोल रूम (एसपी आफिस) के बाहर दिनेश भोजक भ्रष्टाचारी फण्ड पेटी लेकर अनिश्चितकालिन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. कई समर्थक भी मौजूद है. 

ज्ञापन में 7 शिकायतों पर सुनवाई की मांग की गई है. ज्ञापन में एक 15 वर्षीय नाबालिक बालिका पार्वती पिता मोहनलाल बीते 8 माह से लापता है. उसकी भी रिपोर्ट थाना महिदपुर द्वारा दर्ज नहीं करने की बात है. बच्ची 27 नवंबर 2022 को दोपहर 1 बजे गायब हुई थी. हॉस्टल से छुट्टी पर घर आई थी. बच्ची के पिता ने कहा आरोप थाना प्रभारी पर है कि उन्होंने ढाई लाख रिश्वत ली और मारपीट की, हमारे साथ कार्रवाई भी नहीं कि कुछ.

जानिए क्या कहा संघठन प्रमुख ने
संघठन प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर का कहना है कि मुख्य मांग महीदपुर थाना प्रभारी दिनेश भोजक को निलंबित करने की है और निलंबित नहीं तो महिपदुर थाने में ही परमानेंट करने की मांग है. मांग नहीं मानने तक भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है. जीवन सिंह का कहना है कि भूख हड़ताल को 48 घण्टे से ज्यादा हो गए हैं. पुलिस व प्रशासन की ओर से संघठन को कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलने से संघठन में नाराजगी है. एक भ्रष्ट अधिकारी के वजूद को खुद शासन प्रशासन और सत्ता धारी महत्व दे रहे हैं

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