इंदौर : लंबे समय से वेतन नहीं बढ़ने से आक्रोशित नगर निगम कचरा गाड़ियों के चालकों ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि न्यायालय ने उनके पक्ष में निर्णय दिया है बावजूद इसके उनका वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। इसके पहले वे महापौर, निगमायुक्त और कमिश्नर के सामने भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कचरा वाहन चालकों ने चेतावनी दी कि 15 दिन में उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो शहर में कचरा गाड़ियां नहीं चलेंगी।
कचरा गाड़ी चालक संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी ने बताया कि मस्टरकर्मियों द्वारा विनियमितीकरण की मांग को लेकर औद्योगिक न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। न्यायालय ने इसका निराकरण करते हुए मस्टरकर्मियों को विनियमित करने और बढ़ा हुआ वेतन देने का आदेश दिया है, लेकिन निगम ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। कचरा गाड़ी चालकों को वर्तमान में सिर्फ 9 हजार रुपये वेतन मिल रहा है।
न्यायालय के आदेश के बावजूद हमारा वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। सोनी ने कहा कि अगर उनके वेतन बढ़ाने को लेकर जल्दी निर्णय नहीं लिया गया तो 15 दिन बाद कचरा गाडी चालक कचरा गाडियां नहीं चलाएंगे। शहरवासियों को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी निगम और प्रशासन के अधिकारियों की रहेगी।
इसी माह हो सकता है स्वच्छ सर्वेक्षण
इधर जून के अंत में ही शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण होने की संभावना भी है। छह वर्षों से स्वच्छता में नंबर वन रहे इंदौर के सामने स्वच्छता का सांतवा आसमां छूने की चुनौती है दूसरी तरफ कचरा वाहन चालकों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है।

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