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देवास जिले में एक चौंकाने वाला वाकया हुआ. किसानों के साथ बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि आंदोलन या प्रदर्शन करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी. इतना सुनते ही किसान उत्तेजित हो गए और डीएम के साथ बैठक का बहिष्कार कर दिया. किसान संघ और प्रशासन की बैठक में किसान नाराज हो गए. मौके पर जमकर नारेबाजी की जाने लगी. हालात को देखते हुए उग्र किसानों को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन तत्काल बात न बनने पर बैठक निरस्त करनी पड़ी. बाद में बातचीत के लिए फिर से बैठक शुरू हुई. इस बार कलेक्टर ने कहा कि किसान संतुष्ट हैं.
किसानों और प्रशासन के बीच तोल कांटे, अनाज और अन्य बातों को लेकर बैठक बुलाई गई थी. किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर किसान संघ और प्रशासन के बीच कलेक्टर कार्यालय में बैठक चल रही थी. उसी दौरान कलेक्टर ने आंदोलन करने व किसी भी तरह का विरोध-प्रदर्शन करने पर FIR दर्ज करने की बात कह दी. इसपर किसान पदाधिकारी नाराज हो गए. किसान कांटे और अनाज के मुद्दे पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसडीएम प्रदीप सोनी व अन्य अधिकारी संग अपर कलेक्टर के केबिन में बैठक कर रहे थे. डीएम की चेतावनी से नाराज किसानों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया, जिसके चलते बैठक निरस्त कर दी गयी. बाद में फिर किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई.
किसानों ने बताया कि कि फ्लेट कांटे पर समर्थन मूल्य का गेहूं तोलना और समर्थन मूल्य पर गेहूं के मामले में बात करने कलेक्टर कार्यालय आए थे. किसानों का आरोप है कि कलेक्टर ने उन्हें जेल में डालने की बात की जिसको लेकर हमने बैठक का बहिष्कार कर दिया. इधर, कलेक्टर ने कहा कि प्रदर्शन करना व हंगामा करना ठीक नहीं है. उस बात को लेकर समझाया जा रहा था. किसानों से गरमा-गरमी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि किसानों में संतुष्टि है. नीतिगत मामले हैं उसी के तहत कार्रवाई की जा रही है. किसान और प्रशासन की सहमति से तोल हो रहा है.
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