इंदौर के बेलेश्वर मंदिर में गुरूवार को रामनवनी के दिन बावड़ी की छत धंसने से हुए हादसे में 36 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन अब पुरानी बावड़ी, कुएं, खुले नलकूपों की जानकारी जुटाने में लग गया है। नर्मदापुरम जिला प्रशाासन ने पुरानी बावड़ी, कुआ, खुले नलकूपों का सर्वें करा रहा है, जो असुरक्षित ढंग से बंद किए गए हैं। ताकि भविष्य में फिर से ऐसी कोई घटना ना हो।
रामनवमी के दिन हुई इस बड़ी घटना के बाद नगर निगम की टीम ने बेलेश्वर मंदिर का अवैध निर्माण तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह करीब छह बजे नगर निगम की टीम पुलिस के दल-बल के साथ अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची है। इससे पहले मंदिर के अवैध निर्माण को तोड़ने का फैसला लिया गया, जिसके बाद नगर निगम ओर पुलिस विभाग के अफसर माैके पर पहुंचे हैं और कारवाई शुरू की गई है। बताया जाता है कि एक स्थानीय निवासी ने मंदिर का नव निर्माण तोड़ने का विरोध किया तो उसे पुलिस ने मौके पर लट्ठ मारकर भगा दिया है।
बता दें कि बेलेश्वर मंदिर में गुरुवार को बावड़ी धंसने से करीब 36 लोगो की मौत हो गई थी और करीब 19 लोग घायल हो गए थे। इस बड़ी घटना ने अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन की नींद खोल दी है, जिसके बाद पूरी मुस्तैदी से प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है और कानून- व्यवस्था संभालने के लिए जूनी इंदौर, भंवरकुंआ, रावजी बाजार सहित चार थानों की पुलिस को तैनात किया गया है और अवैध निर्माण पर पांच से अधिक पोकलेन मशीन से कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात 12 बजे ही प्रशासन की तरफ से नोटिस चिपकाया गया था और जेसीबी मंगा लिए गए थे और सुबह 6 बजे कारवाई शुरू कर दी गई है। हर घर के आगे पुलिस मौजूद है। पहले निर्माणाधीन मंदिर की दीवारें तोड़ी गई और फिर आम बावडी वाले मंदिर से मूर्तियों को हटाया गया है। प्रशासन की कार्रवाई जारी है।
إرسال تعليق