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इंदौर में बाइक से पांच साल की बच्ची को 60 फीट तक घसीटा, चार दिन तक चले इलाज के बाद मौत

Indore News 🔺
 इंदौर में तेज रफ्तार बाइक सवार की टक्कर से घायल हुई पांच साल की बच्ची की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। बता दें कि बाइक की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह करीब 60 फीट तक बच्ची को घसीटते हुए ले गया था।
इसके बाद वह वहां से फरार हो गया।

राजेन्द्र नगर पुलिस के मुताबिक 20 जनवरी को रात करीब 10 बजे माणिक बाग रोड स्थित गोकुल गार्डन के सामने लक्षिता पुत्री गगन गौड़ (5 वर्ष) निवासी जूनी इंदौर अपनी मां ज्योति गौड़ और मामा विशाल चौहान के साथ सड़क पार कर रही थी। बाइक सवार ने तभी इन्हें टक्कर मार दी, जिसमें बच्ची को सिर और पैर में गंभीर चोट आई थी। इसके चलते उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

स्वजन के मुताबिक बच्ची को लेकर माणिक बाग रोड स्थित गोकुल गार्डन में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। यहां पर आमने-सामने दो गार्डन है। वे लोग मथुरा महल गार्डन से गोकुल गार्डन में जा रहे थे और उसी समय यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि बाइक चालक युवक ने काफी तेजी और लापरवाहीपूर्वक बाइक चलाते हुए बच्ची को टक्कर मारी।

टक्कर के दौरान बाइक चालक 60 फीट तक बच्ची को घसीटते हुए भी ले गया और इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। लक्षिता कक्षा पहली में पढ़ती थी। लक्षिता के पिता खजूरी बाजार में एक प्रिटिंग प्रेस में काम करते हैं। लक्षिता तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।

इलाज बाइक चालक करवा रहा था -

वहीं स्वजन ने बताया कि हादसे के बाद घटनास्थल पर पुलिस पहुंची। इसके बाद बाइक चालक भी आया और उसने इलाज करवाने की बात भी कहीं, इसलिए हम लोगों ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी। लेकिन बच्ची की मौत के बाद हमने अस्पताल से थाने में सूचना दी, फिर इसके बाद पुलिस आई। शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और आरोपी बाइक चालक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया।

अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप -

बता दें कि बच्ची के स्वजन ने चोईथराम अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। स्वजन ने बताया कि हादसे के बाद बच्ची स्वस्थ होने लगी थी और हमसे बात भी कर रही थी। डॉक्टरों ने बच्ची को जिस रुम में भर्ती किया था, उस रूम की पल्स मशीन खराब थी। हमने कई बार अस्पताल के स्टाफ से कहा लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। मशीन के बार-बार बंद होने के कारण पल्स का पता नहीं चल पा रहा था।

आरोपी के खिलाफ पुलिस ने नहीं की थी कोई कार्रवाई -

मासूम लक्षिता को आरोपी बाइक चालक करीब 60 फीट तक घसीटते हुए ले गया। लेकिन पुलिस ने इसके बावजूद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि इस हादसे की संपूर्ण जानकारी पुलिस को थी। वहीं स्वजन को पुलिस ने रिपोर्ट लिखवाने के लिए भी तैयार नहीं किया। पुलिस इतने बड़ा हादसा होने के बाद भी मूकदर्शक बनकर खड़ी रही। थाना प्रभारी अजय मिश्रा के मुताबिक फरियादी की शिकायत आने के बाद हमने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

मशीन चालू थी -

डॉ. अमित भट्ट प्रशासनिक अधिकारी (चोईथराम अस्पताल) ने बताया कि दुर्घटना में घायल बच्ची के अस्पताल पहुंचते ही पुलिस को सूचना दे दी गई थी। मॉनीटर बंद होने का आरोप भी सरासर गलत है। मानीटर चालू है उसमें बच्ची के उपचार के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने कहा कि बच्ची की गंभीर हालत के बारे में बच्ची के स्वजन को भी जानकारी दे दी गई थी।

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