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उज्जैन - महाकाल दर्शन के बहाने एक बहन अपने भाई को उज्जैन लाई। यहां उसने प्रेमी को 2 लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी। प्रेमी ने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। तीन दिन बाद इस अंधेकत्ल का खुलासा हो गया।
उज्जैन के माकड़ौन पुलिस ने 14 अक्टूबर को मिली अज्ञात लाश को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। बैतूल निवासी शराबी भाई से परेशान बहन ने उसकी हत्या के लिए प्रेमी को सुपारी दी थी। प्रेमी उज्जैन में ही रहता है। प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने सोमवार को हत्याकांड का पूरा खुलासा कर दिया। पढ़िए मर्डर की सिलेसिलवार कहानी
पुलिस को ऐसे मिला क्लू...
14 अक्टूबर को ग्राम चिरडी के पास तनोडिया रोड पर नाले के पास एक अज्ञात लाश पुलिस को मिली थी। गांव के चौकीदार की सूचना पर पुलिस ने जब लाश की शिनाख्त की तो उसकी पहचान बैतूल के रहने वाले आदतन अपराधी प्रशांत उर्फ मोनू के रूप में हुई। पुलिस को पता चला कि प्रशांत वर्मा पर बैतूल में 8 केस दर्ज थे। वह आए दिन अपने माता-पिता को पैसों के लिए शराब पीकर मारता था। छोटी बहन प्रिया वर्मा इंदौर में रहकर खुद का बिजनेस करती है। जब भी बैतूल जाती तो उसका भाई उसे मारता पीटता था। वह बहन से पैसों की डिमांड करता था। इसे लेकर बहन ने माता-पिता के साथ नजदीकी थाने में FIR कराई थी। इसके बाद भी भाई नहीं सुधरा। इसी कहानी को लेकर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो परतें खुलती गई। पुलिस ने तीन दिन में अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया।
कॉल डिटेल खंगाली तो सच आ गया सामने दो दिन तक पुलिस जांच में जुटी रही। पुलिस से कॉल डिटेल के आधार पर मृतक के दोस्तों से जानकारी ली। प्रशांत के दोस्त ने सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने मृतक की बहन प्रिया वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि उसने ही उज्जैन के रहने वाले प्रेमी अखिलेश और बैतूल के दोस्तों के साथ मिलकर भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाकर अंजाम दिया। प्रेमी अखिलेश माधव नगर अस्पताल में काम करता है। बहन ने दोस्त के जरिए बदमाशों से सौदा तय किया। इसके एवज में उसने 55 हजार तीन लोगों को दिलवाए।
बहन ने बताई मर्डर की पूरी कहानी
आरोपी बहन ने बताया- भाई शराब पीकर माता-पिता को मारता था। मुझसे भी मारपीट कर मेरी कमाई मांगता था। इसके बाद ही मैंने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली थी। सबसे पहले मैंने अपने प्रेमी अखिलेश पिता भारत सिंह चौहान को भाई की हत्या करने के लिए राजी किया। इसके बाद भाई के दोस्तों छोटू उर्फ़ शरद पिता शोभाराम, दिलीप उर्फ दीपक पिता गुलाब सिंह राजपूत, रिम्पी पिता राजेश सिसोदिया के साथ उसे महाकाल मंदिर में दर्शन करवाने के बहाने 12 अक्टूबर को राजी किया। 13 अक्टूबर को भाई के दोस्तों के साथ में महाकाल मंदिर में दर्शन किए। प्रेमी भी उनके साथ ही था। इसके बाद उन सभी ने मिलकर शराब पी। शराब पीकर भाई बेसुध हो गया। इसका फायदा उठाकर प्रेमी ने भाई के गले में एक कट मारा। इसके बाद उज्जैन से कुछ दूरी पर जाकर माकड़ौन थाना क्षेत्र में हथियारों से हत्या कर दी। इसके बाद हम सभी वहां से भाग गए।
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