रिपोर्ट नावेद खान
देवास - कोरोना के बाद से कॉलेजों में नियमित कक्षाओं में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है। कॉलेज में आकर विद्यार्थी पढ़ाई करे इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सितंबर में आदेश जारी किया था कि कॉलेज प्रबंधन को 30 सितंबर तक संस्थान में बायोमैट्रिक अटेंडेंस के लिए थंब इंप्रेशन मशीन लगाना अनिवार्य है। आदेश का पालन करते हुए शासकीय लीड केपी कॉलेज ने प्रक्रिया शुरू करते हुए 13 मशीन खरीदने के आदेश दे दिए हैं। संभवत: शुक्रवार को कॉलेज में मशीनें लग जाएंगी।
लीड केपी में 5500, साइंस में 2700, जीडीसी में 1500 व लॉ कॉलेज में 410 विद्यार्थियों की उपस्थिति मशीन में दर्ज होगी। 75 फीसदी उपस्थिति होना अनिवार्य है। कम होने पर परीक्षा से बाहर कर दिए जाएंगे।
साइंस कॉलेज, जीडीसी और लॉ कॉलेज में मशीन खरीदना है। अभी तक इन कॉलेजों में कितनी मशीन आना है यह तय नहीं हो सका है। कॉलेजों के प्राचार्य अपने-अपने स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं। गौरतलब है कि कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद ज्यादातर विद्यार्थी पढ़ने के लिए कक्षाओं में नहीं आते।
प्रायोगिक परीक्षा, प्रोजेक्ट जमा करने ओर परीक्षा के समय बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं। 1 अक्टूबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस लगाना शुरू हो जाएगी। एक मशीन में 500 छात्र अटेंडेंस लगा सकेंगे, जिनकी सालभर में उपस्थिति 75 फीसदी जरूरी है। जिन छात्रों की उपस्थिति कम रही, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं रहेगी।
विद्यार्थियों के साथ ही स्टाफ को भी लगाना होगा थंब इंप्रेशन : कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ ही समय पर स्टाफ भी आएं, इसलिए एक मशीन उनके लिए भी लगाना अनिवार्य कर दिया है। साइंस कॉलेज प्राचार्य माधवी माथुर ने बताया, मशीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। जीडीसी प्राचार्य शोभा सुद्रास के अनुसार कॉलेज में जल्द मशीन लग जाएंगी।
मशीन खरीदने के दिए आदेश
13 थंब इंप्रेशन मशीन खरीदने के ऑर्डर दे दिए हैं। संभवत: शुक्रवार व शनिवार को लग जाएंगी। विद्यार्थियों की अटेंडेंस इन मशीनों द्वारा लगेगी। इसके लिए नोडल अधिकारी संजय गाडगे को बनाया है।
आरएस अनारे, प्राचार्य, केपी कॉलेज, देवास ।
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